सोमवार, 3 अप्रैल 2023

चाचा की बेटी की चुदाई हिन्दी सेक्स कनियाi

 चाचा की बेटी की चुदाई हिन्दी सेक्स कनिया

इंडियन सिस्टर ठुकाई का मजा मुझे मेरी चचेरी बहन ने दिया। मैं उसकी पेंटी सूँघ कर मुठ मारता था। एक दिन मुझे पता चला कि वो अपने बॉस से चुदती है।

हाय दोस्तो, मेरा नाम प्रकाश है। मैं बैंगलोर में रहता हूँ। मेरी उम्र 30 साल की है।ये ठुकाई कहानी मेरी और मेरी छोटी चचेरी बहन प्रिया की है।उसकी उम्र 24 साल है, वो मेरे चाचा की बेटी है।


 

चाचा चाची का कोई बेटा नहीं है और मेरी कोई सगी बहन नहीं है, तो चाचा चाची मुझे अपना ही बेटा मानते हैं।हमारा संयुक्त परिवार है। मेरे घर में मां, पिता जी, चाचा-चाची, उनकी बेटी रिम्पी, मैं और मेरी पत्नी दिव्या रहते हैं।

 

मैं एक सी ए हूँ और एक अच्छी फर्म में काम करता हूँ।मेरी पत्नी वर्क फ्रॉम होम करती है।बहन प्रिया एक एमएनसी में जॉब करती है।

 

मेरी बहन की फिगर इतनी मस्त है कि वो किसी बुड्डे का लंड भी खड़ा कर दे।इंडियन सिस्टर ठुकाई की यह बात दीवाली से कुछ दिन पहले की है। उस समय घर में दीवाली की सफाई चल रही थी।

मैं भी रोज सुबह सफाई में मदद करता था, जैसे पंखे वगैरह साफ करना और ऊंचाई वाली चीजों की सफाई का काम मेरे जिम्मे था और बाकी काम औरतें कर लेती थीं।

प्रिया एक एमएनसी में जॉब करती थी, तो वो कई बार नाइट शिफ्ट में भी जाती थी और सुबह तक वापस आती थी।

 

उसकी आदत थी कि वो हमेशा अपनी प्रयुक्त कच्छी वॉशरूम में ही टांग देती थी।शादी से पहले उसकी इस्तेमाल की हुई पैंटी को सूंघ सूंघ कर मैंने बहुत बार मुठ मारी थी।

 

जो भी भाई अपनी बहन को चोदने का सोचते हैं, उन्होंने कई बार अपनी बहन की कच्छी सूँघ कर और उनको इमैजिन करके उस पर बहुत मुठ मारी होगी। उन्हीं दिनों एक सुबह वो काम से वापिस आई होगी और अपने रूम में सो रही थी।

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मैं कमरे के बाहर का पंखा सीढ़ी पर खड़े होकर साफ कर रहा था। तभी रोशन दान से मेरी नज़र प्रिया के कमरे में गई।अन्दर का नजारा देखते ही मेरे होश उड़ गए।

वो अपने कमरे में अपने बेड पर बिल्कुल नंगी लेटी हुई थी और उसके सारे कपड़े साइड में फर्श पर पड़े हुए थे।उसने अपनी टांगें फैलाई हुई थीं और वो चित लेटी थी।

 

मैं उसकी चूत चूचे साफ साफ देख पा रहा था।उसकी चूत पर हल्के हल्के बाल थे जैसे कुछ दिन पहले ही चूत साफ़ की हो।चूत की फांकें खुली हुई थीं; देख कर साफ़ लग रहा था कि जैसे इसकी चूत की बहुत ज्यादा ठुकाई  हुई है।

चूत पर कुछ हल्का सफेद सफेद सा भी दिख रहा था जो शायद उसकी चूत का पानी रहा होगा।ऐसा पानी अक्सर लड़कियों की चूत से आता है।

 

ये देख कर मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया।मुझे अब तक प्रिया देखने और बातचीत करने में बहुत शरीफ़ ही लगती थी, जैसे उसे किसी चीज़ का पता ही ना हो।

मैं भी उसको चोदने की इच्छा अपने तक ही रखता था पर आज ये सब देख कर उसको सच में चोदने का मन कर रहा था।

 

मेरी पत्नी की तबियत कुछ दिनों से ख़राब थी तो मुझे ठुकाई किए बहुत दिन हो गए थे।

प्रिया को नंगी देखते ही मेरा लंड इतना कड़क हो गया कि बस यूं लगा कि अभी इसके ऊपर चढ़ कर इसे चोद डालूँ।

पर ये हकीकत में मुश्किल था।

 

तभी मेरे दिमाग में एक शैतानी आइडिया आया। मैंने उसके मोबाइल को चैक करने का सोचा। उसके मोबाइल का पासवर्ड मुझे पता था।

मौका मिलते ही मैंने उसका मोबाइल चैक किया।

उसमें मैंने उसकी आखिरी चैट पढ़ी जो इसके बॉस के साथ हुई थी।

 

प्रिया ने लिखा था- जब लंड डाला मेरी जान ही निकाल दी आपने … क्या खाकर आए थे। आज रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे!

बॉस ने जवाब दिया- तेरी चूत ही इतनी मस्त है कि मेरा लंड खड़ा ही रहता है। तेरी चूत जितनी मर्जी चोदूँ, मन ही नहीं भरता है।

 

चाचा की बेटी की चुदाई हिन्दी सेक्स कनिया

उन दोनों की चैट पढ़ते ही मेरा पानी निकलने वाला हो गया।

मेरा मुठ मारने का मन कर रहा था।

 

फ़िर बॉस ने इसको जो भेजा था, उससे मेरा इसको चोदने का काम पक्का होने वाला था।

 

बॉस ने प्रिया को उसकी ठुकाई की पिक्स और वीडियो भेजी थी।

 

वीडियो में बॉस प्रिया को कुतिया बना कर चोद रहा था और प्रिया पूरे मज़े से लंड ले रही थी।

यह वीडियो पूरी 25 मिनट की थी और बहुत सारी ठुकाई  की नंगी तस्वीरें भी थीं।

 

मैं तो सातवें आसमान पर उड़ने लगा था।

प्रिया की पिक्स में उसने अपनी गांड और चूत भी खुल कर दिखाई थी।

 

मेरी बहन ने पिंक कलर की पैंटी पहनी थी, जो उसकी मोटी और गोरी गांड पर बहुत सेक्सी लग रही थी।

 

मैंने जल्दी से सारी तस्वीरें और वीडियो अपने फोन में भेज दीं और मैं वाशरूम में आकर अपने मोबाइल में वीडियो देखने लगा।

 

प्रिया अपने बॉस के लंड को मुँह में लेकर ऐसे चूस रही थी, जैसे कोई सड़क छाप रंडी लंड चूसती है।

मेरी बहन के चेहरे पर ठुकाई की हवस साफ़ दिखाई दे रही थी।

 

बॉस ने लंड चुसवाने के बाद फिर से प्रिया को कुतिया बना लिया और पीछे से उसकी चूत चाटने लगा।

 

प्रिया कामुक सिसकारियां भरती हुई बोल रही थी- साले मुझे रंडी की तरह चोद भोसड़ी के कितना दम है तेरे में … आज दिखा दे मादरचोद।

यह सुनते बॉस ने उसको फुल स्पीड से चोदना शुरू कर दिया।

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बॉस तो जैसे हब्शियों की तरह उसे चोदने लगा था।

वो मेरी बहन की दोनों चूचियां आटे की तरह गूँथ कर उसकी चूत में लंड अन्दर बाहर कर रहा था।

क़रीब 20 मिनट की ठुकाई  के बाद बॉस ने प्रिया को सीधा किया और अपना सारा पानी प्रिया के मुँह में ही छोड़ दिया।

 

प्रिया ने एक भी बूँद नीचे नहीं गिरने दी और सारा पानी सफ़ाचट करके पी गई।

इधर मेरी हालत ख़राब हो चुकी थी।

 

मेरा लंड कच्छा फाड़ कर बाहर आने वाला था।

वॉशरूम में प्रिया की गंदी कच्छी पड़ी थी, मैंने उसे उठाया और नाक से लगा कर सूँघा।

 

आह … मेरी बहन की चूत की क्या मादक महक थी।

उसके पसीने और चूत के पानी की महक सूँघ कर मुझे नशा हो गया था।

 

उसकी पैंटी सूँघते हुए ही मैंने वीडियो फिर से प्ले कर दी और मोबाइल को सामने सेल्फ पर रख दी।

अब मैंने अपना लंड बाहर निकाला और हिलाना शुरू कर दिया

 

कसम से सिर्फ़ कुछ झटकों के बाद ही मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया।

 

मैंने अगले दिन फिर से उसका फोन चैक किया।

अब तो मेरे फिर से होश उड़ गए थे।

 

ये चैट किसी और लड़के के साथ थी। वो मेरा बुआ के बेटी का पति था यानि मेरा जीजा था।

 

उसमें लिखा था:

जीजा- साली रांड कितना मजा देती है तू … इतना तेरी बहन भी नहीं देती।

प्रिया का जवाब- तुम तो मेरी भी चूत मारते हो और वहां घर जाकर मेरी बहन की भी लेते हो। मुझे तो बस एक लंड से ही गुजारा करना पड़ता है।

 

ये पढ़ कर तो मुझे विश्वास नहीं हुआ कि मेरी चचेरी बहन दिखने में कितनी शरीफ़ है, पर है कितनी बड़ी रंडी। साली सबका लंड ले रही है और बोलती है कि एक ही लंड मिलता है।

 

अब मैंने सोचा कि साली रंडी तुझे तो मैं अपना लंड हर हाल में दूँगा। फिर बोलना कि एक ही लंड मिलता है।

 

मैंने इस चैट का भी स्क्रीन शॉट लेकर अपने मोबाइल पर फॉरवर्ड कर लिया।

 

अब मुझे अपनी रांड बहन की चूत मारनी थी। मैंने हिम्मत करते हुए उसकी सारी चैट, वीडियो और तस्वीरें उसी को व्हाट्सएप कर दीं।

 

उस वक्त मेरा दिल धड़क रहा था कि पता नहीं क्या होगा।

लेकिन मुझे पता था कि अगर ये रांड घर पर कुछ नहीं बताएगी तो इसका कोई डर नहीं होगा।

 

मैं ये सब करने के बाद अपने काम में व्यस्त हो गया था।

उस बीच उसकी कॉल भी आई और मैसेज भी।

 

मैंने जब मैसेज पढ़े, तो वो कह रही थी- प्रकाश घर पर कुछ मत बताना, हम दोनों कहीं बाहर मिल कर बात करते हैं।

यह पढ़ कर मेरा लंड खड़ा हो गया कि चूत मिलना पक्का हो गया।

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मैंने कहा- ठीक है, तो आज 1:30 बजे होटल रेडिसन ब्लू में मिलते हैं।

उसका रिप्लाई आया- ओके।

 

होटल रेडिसन ब्लू बैंगलोर का 5 सितारा होटल है।

मैंने ऑनलाइन रूम बुक करवा लिया।

 

मुझे पता था कि ये रांड आज मुझसे चुदने ही वाली है, पर जितनी इसकी चूत में मस्ती है, वो तो कुछ मिनटों में ही मेरा पानी छुड़वा देगी।

इसलिए मैंने ऑफिस से निकलने से पहले ही ठुकाई पावर बढ़ाने वाली गोली ख़ा ली और होटल 1:25 बजे पहुंच गया।

 

ठीक 1:30 बजे कमरे के दरवाजे पर दस्तक हुई।

उसने बेल नहीं बजाई थी।

मुझे पता था कि ये मेरी रांड प्रिया आई होगी।

 

मैंने दरवाजा खोला और दरवाजा खुलते ही वो रोने लगी- भाई सॉरी, मुझसे गलती हो गई।

 

मैंने सीधे पॉइंट पर आते हुए कहा- मुझे फर्क नहीं पड़ता कि तू किस किस से चुदवाती है। बस मुझे भी तुम्हें चोदना है। तुम बहुत सेक्सी हो और तुम्हारी वीडियो देखने के बाद तो मेरे लंड की हालत ख़राब हुई पड़ी है। तुम्हारी कच्छी सूंघ सूंघ कर तुम्हारी कच्छी पर मैं रोज मुठ मारता हूं।

 

ये सुनते प्रिया थोड़ी शांत हो गई।

उसने सुर बदलते हुए कहा- मुठ क्यों मारते हो अपनी बहन के होते हुए!

 

ये कह कर उसने मुझको बेड पर धक्का दिया और मैं चुपचाप लेट गया।

उसने मेरी ट्राउजर उतार दी और एक एक करके मेरे सारे कपड़े भी।

 

मेरा लंड तो किसी खंभे की तरह खड़ा था।

 

प्रिया लंड देखते ही बोली- ओह माय गॉड … इतना बड़ा तो आज तक मैंने कभी नहीं लिया। तभी भाभी कहती हैं कि तुम्हारा भाई तो जान निकाल देता है … इतना बड़ा लंड है उसका!

 

मैंने पूछा- तुम दिव्या से ये भी बातें करती हो?

वो बोली- आपके सारे करनामे जानती हूँ भाई … टाईम आने पर मैं सब बताऊंगी।

 

ये कहते ही उसने मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया।

मैंने भी उसका फ्रेंच किस में साथ दिया।

उसकी सांसों की ख़ुशबू मदहोश कर रही थी।

 

मैंने उसकी शर्ट के बटन खोल कर उसकी पैंट भी उतार दी।

अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में ही थी।

 

उसने पीले रंग की फूलों वाली ब्रा और पीली ही पैंटी पहनी थी।

 

उसकी सारी ब्रा पैंटी का मुझको पता था, पर यह वाली बिल्कुल नई लग रही थी।

मैं समझ गया था कि आज ये रांड मुझे लुभाने की तैयारी से ही आई है।

 

मेरी होंठों को चूसते चूसते वो मेरे पेट और फिर लंड पर आ गई।उसने लंड को चाटना शुरू किया।मैं तो जैसे पागल सा हो रहा था।ऐसा मजा पहले कभी नहीं आया था।

 

पत्नी ने भी मेरा बहुत लंड चूसा है लेकिन इसका स्टाइल अलग था।तभी उसने पूरा लंड मुँह में ले लिया और मैं तो समझो जन्नत में पहुंच गया।

मैंने अपने हाथों से उसका सर पकड़ा और उसके मुँह को चोदने लगा।

उफ्फ! क्या मजा था … उसका गर्म गीला मुँह मेरे लंड के आस-पास कसा हुआ था।

 

मैंने प्रिया से कहा- ऐसे लंड चूसने का स्टाइल अपनी भाभी को भी सिखा दे!

प्रिया बोली- रुको भाई, लंड चूसने के अलावा भी सब सिखा दूँगी। वो आपके लंड के अलावा भी दूसरे लंड लेने को भी मचलेगी।

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ये कह कर वो हंसने लगी।

मेरी कुतिया बहन लंड को ऊपर नीचे करके चूसती रही।

 

अब मेरे से सब्र नहीं हो रहा था।

मैंने उसकी ब्रा उतार दी।

 

उसके दूध एकदम गोरे और टाईट थे।

साईज़ तो औसत ही था, पर उसके मम्मों का डार्क सर्कल बहुत बड़ा था। मैंने देखते ही उसके दोनों आमों को हाथों में भरा और दबाया।

 

उफ़ … क्या गर्मी भरी थी।

मैंने उन दोनों दूधों को अच्छे से मसला और फिर चूसना शुरू किया।

 

वो हल्की हल्की सिसकारियां लेने लगी और मुझे दूध पिलाने लगी।

कुछ देर बाद मैंने प्रिया की पैंटी भी उतार दी।

उसकी पैंटी उतारते ही एक मादक सी महक आई।

 

इतने सालों से जिस इंडियन सिस्टर ठुकाई के सपने ले लेकर मैंने अपने टट्टे ख़ाली कर लिए थे, वो चूत मेरे सामने थी।

बहन की चूत पर एक भी बाल नहीं था।

 

मैंने पूछा- दो दिन पहले तो बाल थे … आज एकदम साफ़ है?

प्रिया हंस कर बोली- हां आज ही आपके लिए करे हैं।

 

फिर उसने हैरान होकर पूछा- भाई आपको कैसे पता कि दो दिन पहले मेरी चूत पर बाल थे?

मैंने कहा- देख लिए थे, जब तुम रूम में नंगी सो रही थीं। वहीं से तो मोबाइल चैक करने का आईडिया आया था।

वो हंसने लगी।

 

फिर मैं अपनी नाक उसकी चूत के पास लेकर गया।

उफ्फ … इसकी चूत की महक सूंघते ही मानो शरीर का सारा खून लंड में आ गया था।

 

जिन्होंने भी किसी की चूत को सूंघा है, उनको पता होगा कि लड़कियों की चूत की कितनी मस्त महक होती है।

 

मेरी बहन की चूत की महक भी इतनी ही मस्त थी।

उसकी चूत का पसीना और गीलापन उसको और भी मस्त बना रहा था।

 

उसकी पैंटी भी गीली हुई पड़ी थी।

मैंने चूत को अच्छे से सूंघने के बाद अपनी जीभ बाहर निकाली और बहन की टांगें फैलाकर उसकी चूत पर जीभ लगा दी।

 

मैं बहन की चूत को पूरा महसूस करना चाहता था।

नमकीन स्वाद … भड़काने वाली गर्म चूत और मादक महक को मैं महसूस कर रहा था और अपनी चुदास को शांत करने की कोशिश कर रहा था।

 

प्रिया ने एकाएक सिसकारियां तेज़ कर दीं और मैं किसी सड़क के कुत्ते की तरह प्रिया की चूत चाटने लगा।

उसकी चूत के छेद के अन्दर जीभ डाल कर रस चाट रहा था। चूत के फांकें खुली थीं। वैसे तो प्रिया का रंग गोरा है पर उसकी चूत का रंग सांवला था।

 

ऐसा मज़ा बहुत दिन बाद आ रहा था और वैसे भी अपनी बीवी की तो बहुत बार चाट चुका था, पर एक नई चूत का मज़ा और वो भी अपनी चचेरी रंडी बहन का।

उसकी चूत के अन्दर से चिकना पानी निकल रहा था, जो मैं अपनी जीभ पर महसूस कर पा रहा था।

 

उसने अपनी टांगों को पूरा फैला लिया था और मेरा सर पकड़ कर चूत पर दबाने लगी थी।

उसने अपनी गांड को हवा में उठा लिया था और मैंने अपने हाथों से उसकी गांड को नीचे से पकड़ कर सहारा दिया हुआ था।

 

उसकी चूत का मस्त स्वाद था।

क़रीब 10 मिनट चूत चाटने के बाद मैंने उसे कुतिया की पोज़ीशन में आने को बोला।

 

वो बोली- ये मेरा पसंदीदा स्टाइल है।

मैंने बोला- मेरा भी।

 

तो रिंपी बोली- हां बताया था भाभी ने।

मैंने पीछे से उसकी मोटी गांड देखी और उसकी गांड को सूंघने लगा यकीन मानो दोस्तो, लड़की की ठुकाई  के वक्त उसकी गांड की ख़ुशबू से अच्छी कोई ख़ुशबू नहीं, जो आपको उत्साहित करे।

 

मैंने उसकी गांड का छेद देखा, जो बहुत खुला लग रहा था।

इसका मतलब था कि उसने अपनी गांड भी बहुत मरवाई है।

 

मैंने गांड के छेद को अपनी जीभ की नोक से टच किया तो बहन तो सरसरा उठी और उसकी चूत से मुझे हल्का नमकीन सा स्वाद महसूस हुआ।

 

मैंने उसके दोनों चूतड़ों को पकड़ कर फैलाया।

उससे उसकी गांड का छेद और खुल गया।

 

मैंने गांड के उस छेद वाली जगह पर अपना मुँह लगा दिया और चूसने लगा, अपनी जीभ उसके छेद पर चलाने लगा।

 

इससे प्रिया की आवाजें चूत चाटने से भी ज्यादा आने लगीं।

मुझे पता लग गया कि यह गांड चटवाने की ज्यादा शौक़ीन है।

उसकी चूत का छेद, गांड के छेद के बिल्कुल नीचे था।

उफ … ये दोनों छेद वीडियो में देख देख कर मैंने अपने लंड का पानी मुठ मार मार कर खाली कर लिया था।

 

वो मेरा लंड लेने को तेयार थी।

चूत चाटने से वो और भी गीली हो गई थी।

 

मैंने बिना कंडोम के ही उसे चोदना शुरू कर दिया। मैंने अपना लंड उसके छेद पर रखा और पुश कर दिया।

 

मेरा लंड तो मक्खन में चाकू की तरह अन्दर आसानी से घुसता चला गया।

इसका मतलब था कि मेरी बहन बहुत ज़्यादा ठुकती थी और उसकी चूत भी काफी गीली हो गई थी।

 

मैंने झटके लगाने शुरू किए।

वो ज़ोर ज़ोर से सिसकारियां लेने लगी।

मैं स्वर्ग में पहुंच चुका था।

 

मेरे हर झटके के साथ मेरी स्पीड और फास्ट होती गई।मैं किसी कुत्ते की तरह अपनी चचेरी बहन की चूत मार रहा था।

इतना मजा आ रहा था कि क्या बताऊं दोस्तो।

मैं पूरा लंड बाहर निकाल कर फिर अन्दर डाल रहा था।वो बोल रही थी- ज़ोर से चोद दे अपनी कुतिया को।

 

दस मिनट की ठुकाई  के बाद बहन की सिसकारियां और तेज हो गईं।

अचानक से उसकी बॉडी अकड़ गई और तेजी से झटका खाने लगी।

ये बहन का स्खलन था … वो अपने भईया के दमदार लंड की ठुकाई  से झड़ गई थी।

 

प्रिया तेजी से हांफ रही थी। उसकी चूत से सफ़ेद रंग का पतला पानी आ रहा था।

यह पानी सभी लड़कियों के अन्दर से नहीं आता, ये बॉडी टू बॉडी डिपेंड करता है।

मैंने चूत पर मुँह लगाकर वो सारा चाट लिया।

प्रिया बोली- इतना मजा तो अभी तक किसी और ने नहीं दिया। भाभी बिल्कुल सही कहती थी।

मैंने पूछा- अच्छा! उसने और क्या बताया?

 

उसने हंस कर कहा- भाई टाईम आने पर सब बताऊंगी।

मैंने कहा- ठीक है।

लेकिन मेरा अभी होना अभी बाकी था तो प्रिया ने मुझको बिस्तर लिटा दिया और खुद मेरे लंड पर काउ बॉय स्टाइल में बैठ गई।

उफ्फ!! मेरी रंडी बहन एक्सपर्ट की तरह क्या मजा दे रही थी।

उसने चूत में लंड फंसा कर अपनी गांड को हिलाना शुरू किया।

 

हर एक ठुकाई की पोज़ीशन में प्रिया अलग ही मजा दे रही थी।

उसने उछल उछल कर मेरे लंड को मजा देना शुरू किया तो कमरे में फच फच की आवाज़ें आने लगी थीं।

उसकी चूत का पानी और उसके गीलेपन के कारण ये आवाज़ें आ रही थीं।

हर झटके के साथ उसकी सिसकारियां बढ़ती जा रही थीं। करीब 15 मिनट तक वो ऐसी करती रही।

अचानक मेरी गांड सिकुड़ने लगी और मेरी आह आह की आवाज के साथ मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया।

उफ्फ … साली ने मेरे लंड ने पानी छोड़ते टाईम न जाने कितने झटके मारे होंगे … लंड की हालत खराब हो गई।

प्रिया अभी भी सिसकारियां ले रही थी। उसे भी गर्म गर्म पानी की पिचकारी अपनी चूत में महसूस हो रही थी।

उफ्फ … इतना जन्नत जैसा मजा।

सच बताऊं दोस्तो … अपनी बहन की चूत मारने का जो मजा है, वो कहीं और नहीं मिल सकता।

हम दोनों वैसे ही 10 मिनट लेटे रहे।

मेरा लंड अभी भी उसकी चूत के अन्दर था और बगल से मेरा पानी उसकी चूत के पानी के साथ मिल कर बाहर आ रहा था।

मैंने प्रिया से कहा- मुझे अब पता चला कि सब ये क्यों कहते हैं कि तेरे जैसा मज़ा कोई नहीं दे सकता!

प्रिया हंसने लगी और बोली- अभी तो और मजा आएगा। मैं आपको ऐसा सरप्राइज दूँगी कि सारी उम्र मेरी चूत का चस्का लग जाएगा। आप मुझे चोदते ही रहोगे।

हॉट सजुक्ता आंटी सैक्स कहानी

 
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