शनिवार, 19 अगस्त 2023

पड़ोस की सीतल आंटी के साथ सेक्स का मजा | सीतल आंटी सैक्स कहानी

पड़ोस की सीतल आंटी के साथ सेक्स का मजा 

दोस्तो मेरा नाम प्रकाश कश्यब है। मैं रायपुर  CHHATTISGARH का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 21 साल की है और बहुत स्मार्ट भी हूं। मेरी हाइट 5 फुट 4 इंच है।

यह चुदाई स्टोरी जनवरी  2023 की है, तब मेरी उम्र 21 साल थी। हमारे पड़ोस में एक सीतल  नाम की आंटी रहती हैं। ये नाम बदला हुआ है।  सीतल आंटीकी उम्र लगभग 29 साल के आस पास की रही होगी। उनका फिगर 36-34-36 का होगा। सीतल आंटी देखने में बहुत सेक्सी, गर्म लगती थीं। उनके उठे उठे से मोटे चूचे मुझे बहुत आकर्षित करते थे। उनके ये मदमस्त मम्मे मुझे तो क्याहर किसी को बरबस ही उनका लुत्फ़ उठाने को मजबूर कर देते थे।




वे जब भी हमारे घर आतीं या मुझे कोई काम के लिए बुलातीं, तो वह मुझे बहुत प्यार से और हंस कर बात करती थीं। जब वह सेक्सी मूड में होतीं, तो मुझे इधर-उधर हाथ लगा कर मुझसे छेड़खानी करतीं, मेरी जीएफ के बारे में पूछ कर मुझे चिढ़ाती थींजबकि मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी। हालांकि मैं भी उनकी बातों के मजे लेता रहता था। मुझे उनके इस तरह के गर्म व्यवहार से मजा ही आता था।

त्यौहार से 3 दिन पहले सीतल आंटीघर की सफाई कर रही थीं। उसी दौरान उन्होंने मुझे ऊपर वाले कमरे में सामान उतारने के लिए बुलाया। उस समय उन्होंने लाल रंग का गाउन पहन रखा था, जिसमें उनकी चुचियों की लाइन साफ दिख रही थी। मैं उनकी चूचियों को देख रहा था, जो कि उन्होंने नोटिस कर लिया था।

थोड़ी देर में वह बाथरूम में जाकर एक नीला सूट पहन आईं, जिससे मुझे उनके मोटे चूचे और भी साफ दिखने लग गए थे। उन्हें देख कर मेरा 6.5 इंच लंबा लंड खड़ा हो गया था। उन्होंने भी मेरे खड़े होते लंड पर अपनी नजर मार ली थी।

हम जिस कमरे में खड़े थे, वहां काफी सामान होने की वजह से जगह बहुत कम थी। सीतल आंटीकोई सामान लेने आतीं, तो वह अपनी चूची मेरी छाती से सटाते हुए निकल रही थीं।
हालांकि इस तरह की परिस्थिति में एक तरीका ये होता है कि खुद को बचाते हुए निकलना, भले ही मम्मे रगड़ रहे हों, लेकिन खुद से ऐसा शो करना कि मजबूरी है।

पर सीतल आंटीतो जब भी मुझसे सट कर निकलतीं, तो वे और भी जानबूझ कर मेरे सीने से अपने मम्मों को रगड़ने की कोशिश कर रही थीं। इससे मुझे पता चल गया था कि सीतल आंटीका मूड आज कुछ अलग है।

मैंने भी सीतल आंटीके मम्मों को बातों ही बातों में कभी टच किया, तो कभी हाथ लगा दिया। सीतल आंटीभी हंस रही थीं। मैं समझ गया था कि आज लाइन क्लियर है। थोड़ी ही देर यूं ही काम चलता रहा।

सीतल आंटीकी मोटी गांड देख कर मेरा लंड का बुरा हाल हो गया था। मैं बार बार अपने लंड को एडजस्ट करने लगता।

सीतल आंटीने कहा- क्या हुआ?
मैंने कहा- कुछ नहीं!
तो सीतल आंटीबोलीं- कुछ तो बताओ?
मैंने कहा- नहीं सीतल आंटीकुछ नहीं।

सीतल आंटीनीचे झुककर कुछ सामान उठाने लगीं, तो मुझे उनकी चूची का काला निप्पल वाला भाग दिख गया था। फिर उनके उठते ही मैंने उनको दीवार से लगा दिया और उनकी चूची जोर जोर से दबाने लगा।
उन्होंने कहा- यह क्या कर रहे हो तुम?
मैंने कहा- सीतल आंटीसॉरीमुझे प्लीज आज ना रोको।
सीतल आंटीने मुझे धक्का दिया और कहा- मैं तेरी मम्मी को बता दूंगी।

उनका बदला हुआ रूप देख कर मैं बहुत ही ज्यादा डर गया और वहां से भाग आया। उस दिन पूरे दिन मेरी फटती रही कि चुदाई स्टोरी तो बनी नहींसीतल आंटीमम्मी को ना बता दें और मेरी घर पर ठुकाई लग जाए।

फिर शाम तक यूं ही चलता रहा और रात को मैं सोते हुए सोच रहा था कि आज तो बच गया, कुछ नहीं हुआ।

सुबह सीतल आंटीने मुझे वापस ऊपर बुलाया।
मैंने जाते ही उनसे माफी मांग ली- सीतल आंटीकल के लिए माफ कर दो।
सीतल आंटीने कहा- कोई बात नहीं।

सीतल आंटीआज कल से भी ज्यादा सेक्सी लग रही थीं। सीतल आंटीने फिर से हंस कर कहा- आज तू मेरी तरफ नहीं देख रहा है, क्या आज मैं अच्छी नहीं लग रही हूँ?
मैंने उनसे कहा- नहीं आंटी, आज तो आप बहुत मस्त लग रही हो। कल से भी ज्यादा मस्त लग रही हो।
इस पर उन्होंने कहा- तेरे अंकल को तो यह सब दिखता ही नहीं, तो यह सब किस काम का है।
इस पर मैंने उनके कंधे पर हाथ रखा और कहा- आपके पास मैं हूं ना आंटी।

मेरा सहारा पाते ही वह रोने में लग गईं।
मैंने उनसे कहा- आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो।
सीतल आंटीबोलीं- अच्छी लगने से क्या होता हैमैं सुंदर नहीं हूं।
फिर मैंने कहा- सीतल आंटीआप बहुत सुंदर होअपनी गली में नंबर एक पर हो।

सीतल आंटीने मुझसे पूछा- क्या मैं तुझे सेक्सी लगती हूं?
मैंने कहा- हां सीतल आंटीबहुत।

उन्होंने मेरी तरफ होंठ बढ़ाए तो मुझे ऐसा लगा कि आज शायद सीतल आंटीपहल कर रही हैं, मेरी चुदाई स्टोरी अब बन जायेगी। मैंने भी उनकी तरफ अपने होंठ बढ़ा दिए। सीतल आंटीने आंख दबा दी। फिर मैंने उनको दीवार से लगाया और उनके होंठों पर एक जोरदार से किस कर दिया।

पहले पहल तो उन्होंने थोड़ा बहुत विरोध कियापर 3 या 4 मिनट बाद विरोध भी बंद कर दिया। अब मैं उनकी चूचियों को सूट के ऊपर से ही दबाए जा रहा था।

मैंने उनका कमीज उतारने की कोशिश की, तो वो कसा होने के कारण मुझसे नहीं उतरा। सीतल आंटीकी मोटी चूचियों के कारण सूट काफी टाइट था।

सीतल आंटीने हंस कर बोला- फाड़ेगा क्याइसे आराम से उतार न।
मैंने झटके से फाड़ दिया, तो वो बोलीं- ले नुकसान कर दिया मेरा।

फिर मैं उनकी चुचियों को मुँह में लेकर जोर जोर से चूसने लगा। उनका रंग बहुत ही गोरा था। सीतल आंटीकी दूध से भी ज्यादा सफ़ेद चुचियों को चूस चूस कर मैंने लाल कर दिया था।

फिर मैं धीरे-धीरे उनके पेट पर किस करने लगा। जब मैं उनकी सलवार का नाड़ा खोलने लगा, तो बोलीं- कोई जाएगा।
तो मैंने कहा- घर पर कोई नहीं है और मैं नीचे से आपका दरवाजा बंद करके आया हूं।
सीतल आंटीबोलीं- प्लीज यह किसी को मत बताईयो!
मैंने कहा- सीतल आंटीआपकी कसमयह मेरे तक ही रहेगा।

मैंने सीतल आंटीका झट से नाड़ा खोला और नीचे देखा, तो उनकी टांगों के बीच में गुफा पर थोड़े से बाल थे, जो भूरे रंग के थे।

उसके बाद उन्होंने मेरे पूरे कपड़े भी खोल दिए। कुछ देर बाद मैंने उनकी चूत पर हाथ रखा और उनकी पेंटी भी उतार दी।

फिर मैंने बिना सोचे समझे ही नीचे बैठ कर उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से उन्हें बहुत मज़ा रहा था। गर्म सीतल आंटीज़ोर ज़ोर से सिसकारियां लेने लगी थीं। उन्होंने जोश में आकर मेरा सर दबा दिया। वे मेरा सर अपनी चूत में पूरा अन्दर घुसा लेना चाहती थीं।

मेरे लगातार चूत चूसने के कारण उनकी चूत पनिया गयी थी और वो कभी भी पानी छोड़ सकती थीं। मैंने फिर भी चूत को चूसना बंद नहीं किया।

जिन लोगों ने शादीशुदा औरतों की चूत को चाटा होगा, उन्हें पता होगा कि चूत चूसने का अपना एक अलग ही आनन्द है।

लगातार 7 से 8 मिनट तक चूत चुसाई से सीतल आंटीएक तेज़ अकड़न के साथ झड़ गयी थीं। उन्होंने ढेर सारे कामरस की नदी बहा दी और थोड़ी देर के लिए शांत पड़ गयी थीं।

फिर कुछ देर बाद उन्होंने मेरी पैंट को खोला, तो मेरी चड्डी में मेरे लौड़े ने आतंक मचा रखा था। मेरे लंड को सीतल आंटीने मेरी चड्डी से बाहर निकाल कर देखा, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं।

गर्म सीतल आंटीके मुँह सेबाप रे बापइत्ता बड़ा।।ही निकल सका।
मैंने हंस दिया- आपका ही है आंटी।

उन्होंने मुझसे कहा- क्या करता है? तेरा लंड इतना मोटा कैसे हो गया है? ये मेरे अन्दर जाएगा, तो मेरी पूरी चूत को छील देगा। तेरे अंकल का तो पतला सा है।
यह कहते ही वो जमीन पर बैठ कर मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं।

दोस्तो, यकीन करनावो मेरा पहला अनुभव था। मैं मुश्किल से 2 मिनट में सीतल आंटीके मुँह में ही झड़ गया।

उन्होंनेछी ।।की आवाज़ करते हुए मेरे लौड़े को मुँह से बाहर निकाल दिया और जल्दी से एक कपड़े से साफ करने लगीं।

मुझे खुद पर बहुत शर्म आयी और जब वो मेरी तरफ आईं, तो मैं उनसे नज़र नहीं मिला पा रहा था।
उन्होंने मुझसे कहा- पागल परेशान होतेरा हथियार तो तगड़ा है, पर तेरा पहली बार था, इसलिए जल्दी निकल गया। असली मज़ा तो अब आएगा।

फिर मैं दोबारा से सीतल आंटीकी चूत चाटने लगा। मुझे सीतल आंटीकी चूत चाटने में बहुत मजा रहा था। कुछ देर बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया।
सीतल आंटीमुझसे बोलीं- बेटा, अब और तड़पाजल्दी से इसे मेरे अन्दर डाल कर इसकी सारी गर्मी मिटा दे।
फिर उन्होंने खुद ही अपने हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत के मुँह पर सैट किया और मुझे अन्दर पेलने को कहा।

मैं उस पल को एहसास को कभी नहीं भूलना चाहता, जब मैंने धीरे धीरे अपने लंड को सीतल आंटीकी चूत की गहराई में उतारा था; मानो मैंने लंड चूत में नहीं किसी गर्म भट्टी में झोंक दिया हो।

जैसे ही मैंने लंड अन्दर किया, सीतल आंटीके मुख से एक मीठी सी आह निकली, जिसमें सुकून भरा दर्द था।

मैंने फिर धीरे धीरे अपने झटकों की रफ्तार को बढ़ाया, तो सीतल आंटीकी चीखें अब कामुक सिसकारियों में बदल गयी थीं। अब वो भी अपनी गांड हिलाकर मेरा साथ दे रही थीं।

कोई 5 मिनट की धकापेल चुदाई के बाद वो एक तेज़ आह के साथ झड़ चुकी थीं, लेकिन मैंने अपनी रफ्तार कायम रखीजिससे उनकी चूत के पानी से फच्च फच्च की एक मधुर आवाज हमारी चुदाई में चार चांद लगा रही थी।

लगातार 15 मिनट चोदने के बाद मुझे लगा कि मेरा निकलने वाला है, तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और पूरी रफ्तार से उनकी चूत में ही झड़ गया। मैंने अपनी अपनी आखिरी बूंद भी सीतल आंटीकी चूत में छोड़ी।

जब मैं उनके ऊपर से हटा, तो मैंने देखा कि मेरे लंड का पानी उनकी चूत से टपक रहा है।
सीतल आंटीने कहा- अभी तुझे बहुत कुछ सिखाना है।

फिर हम दोनों लेट गए। आधा घंटा आराम किया।

लेकिन मेरा मन नहीं भरा था, तो मैंने सीतल आंटीको टेबल पर झुकने को कहा। मैंने उनके पीछे से उनकी चूत में लंड डाला और फिर उनको चोदने लगा। कोई 7-8 मिनट तक मैं उनको यूं ही चोदता रहा। फिर मैंने अपना लंड उनकी गांड पर लगाया और एक जोरदार धक्का दे मारा।

इससे मेरा 4 इंच लंड अन्दर चला गया और सीतल आंटीजोर से चिल्ला पड़ीं। वो दर्द की अधिकता से मुझसे दूर होने लगीं, पर मैंने अपना जोर उन पर बनाए रखा और उनकी चुचियों को दबाता रहा।

कुछ पल बाद मैंने फिर से एक जोरदार धक्का लगा दिया। अबकी बार मेरा सारा लंड उनकी गांड में चला गया। धकापेल गांड चुदाई होने लगी। सीतल आंटीको भी अपनी गांड में लंड का सुकून मिलने लगा था, इसलिए वो भी मजा लेने लगी थीं।

कोई 15 मिनट तक यूं ही मैं ताबड़तोड़ हमले करता रहा और सीतल आंटीको भी काफी मजा आने लगा था। उनकी मस्ती भरी आवाजों से मुझे यकीन हो गया था कि सीतल आंटीकी गांड मजा दे रही है।

आंटी- उम्म्हअहहहयओहआहह मर गई माँआहह।
गर्म सीतल आंटीकी इस तरह की मदभरी आवाजें निकल रही थीं। मैं उनकी मोटी गांड पर थप्पड़ भी मार रहा था, जिससे वह और भी गर्म हो रही थीं।

इसी बीच उन्होंने अपना एक बारी पानी और छोड़ दिया था। मैं भी कुछ ही देर में निकलने वाला था। दसेक धक्के लगाने के बाद मैंने उनकी गांड में सारा पानी छोड़ दिया।

हम दोनों यूं ही वहां मेज पर लेट गए और किस करने लगे। दस मिनट बाद हम दोनों ने कपड़े पहने और मैं अपने घर गया।

अगले 2 महीने तक मैंने उनकी चूत और गांड बहुत बार मारी। इसके बाद उन्होंने अपना घर यहां से छोड़ कर दिल्ली शिफ्ट कर लिया था। अब मेरी सिर्फ उनसे फोन पर कभी-कभी बात होती है।

 
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