मंगलवार, 5 सितंबर 2023

दोस्त की गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स कहानी | कुंवारी लड़की सेक्स कहानी

 दोस्त की गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स कहानी


दोस्तो, मेरा नाम वीर कुमार है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं। मैं 23 साल का हूँ, मेरा लण्ड 5 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है।




मेरे दोस्त राज, 24 साल का है और उसकी गर्लफ्रेंड वंदना  22 साल की है, यह सेक्स स्टोरी उनके बारे में है।

पहले मैं वंदना  के बारे में बता दूँ कि वंदना  बहुत ही खूबसूरत है, सेक्सी हैं, बहुत ही कामुक स्वभाव की है, उसका फिगर बहुत ही अच्छा है बड़े-बड़े चूची हैं, गांड एकदम फैली हुई है। सेक्स की बहुत बड़ी भूखी है वह हमेशा सेक्स करने को आतुर रहती है।

राज ने मुझे पहले भी बताया था कि वंदना  सेक्स में बहुत रुचि दिखाती है, वह बहुत ज्यादा सेक्स करना चाहती है, वह सब पोजीशन पर सेक्स करना चाहती है। वंदना  को चूत ठुकाई के लंबे लंबे दौर पसंद हैं, उसे तेज तेज धक्के पसंद हैं। वो लड़की अपनी गांड मरवाना भी पसंद करती है। वंदना  को वाइल्ड सेक्स और रफ़ सेक्स भी पसंद है।

मुझे राज ने यह भी बताया था कि वंदना  के पहले भी कई सेक्स अफेयर रह चुके हैं और पहले भी बहुत लण्ड ले चुकी थी। राज ने वंदना  के दोस्तों से पता लगाया था कि वह कॉलेज में बहुत सारे लड़कों के साथ ठुकाई कर चुकी थी। ठुकाई करना उसे बहुत पसंद था, उसे नए-नए लण्ड के साथ सेक्स करना बहुत पसंद था।

राज हमेशा वंदना  को चोदने के लिए मेरे कमरे का इस्तेमाल करता था, वह हमेशा वंदना  को लेकर मेरे रूम पर आता था। वे दोनों दिन दिन भर सेक्स करते थे, उसके बाद चले जाते थे।
लेकिन जब वे दोनों जाती थे तो वंदना  का चेहरा देख कर लगता था कि राज वंदना  को खुश नहीं कर पाता था।

एक दिन की बात है, राज और वंदना  मेरे रूम पर ठुकाई कर रहे थे। अचानक से राज को कुछ काम गया और उसे वंदना  को मेरे रूम पर छोड़कर जाना पड़ा।

अब मैं और वंदना  घर पर अकेले थे तो मैं वंदना  से बातचीत करने के लिए रूम में गया। कमरे में से कंडोम की सुगंध रही थी। बिस्तर की चादर की सिलवटें ठुकाई की दास्तां बता रही थी।

वंदना  रूम में बेड पर लेटी हुई थी, वह थोड़ी उदास लग रही थी।

हम दोनों बात करने लगे। बात करते-करते हम लोग नॉनवेज बात करने लगे। वो अपनी ठुकाई की बात बताने लगी, बातों ही बातों में उसने मुझे बताया कि राज उसे खुश नहीं कर पाता है और वह रोने लगी।

मैं बगल में ही बैठा हुआ था उसने मेरे कंधे पर अपना सर रख दिया। मैं उसे चुप कराने के लिए उसके सिर को सहलाने लगा। समझाते हुए मेरे और वंदना  के होंठ आपस में नजदीक गए, मैं वंदना  को किस करने लगा, वंदना  मेरा पूरा साथ देने लगी।

हम लोगों ने लगभग 10 मिनट तक किस किया। वंदना  पूरे जानवरों की तरह मेरे होंठों पर टूट पड़ी, लग रहा था जैसे वह मेरे होठों को खा जाएगी। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे वंदना  ने सालों से किस नहीं किया है।

मैं धीरे-धीरे किस करते करते हुए मैं वंदना  के चूचे दबा रहा था और वह मेरे लण्ड को सहला रही थी, हम दोनों बहुत मजे ले रहे थे।

वंदना  के चुचे को दबाते दबाते मैंने उसका टॉप उतार दिया और उसकी मुलायम चूची को चूसने लगा। वो पूरे मस्ती में अपनी कामुक आवाज उम्म्हअहहहयओहनिकाल रही थी।
उसने मेरी पैंट की चेन खोलकर मेरा लंड बाहर निकाल लिया और उसे हाथ से हिलाने लगी।

लड़की के हाथसे लंड सहलवाने में मुझे भी मज़ा आने लगा था, मैंने भी जींस के ऊपर से ही वंदना  की चूत को सहलाना आरम्भ कर दिया। अब तक वंदना  बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी।
मैंने उसकी जींस का बटन खोल दिया, फिर ज़िप भी खोल दी और जीन्स को नीचे सरका दिया।

मैंने देखा कि उसकी पैंटी चूत के पास से उससे निकले रस से पूरी गीली हो चुकी थी।

तभी वंदना  ने मेरा लंड अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। वंदना  मेरे लंड को एकदम रंडी की तरह चूस रही थी, काट रही थी। वंदना  कभी मेरे लंड को जीभ से चूसती, चाटती तो कभी दाँत से काटती। उसकी कामवासना पूरे उफान पर लग रही थी। शायद मेरा दोस्त उसे छोड़ते छोड़ते बीच में ही छोड़ गया था।

मैंने मौके का फायदा उठाया और मैंने उसके मुंह को चोदना शुरू कर दिया। करीब दस मिनट तक मुख चोदन के बाद मैं उसके मुंह में ही झड़ गया वह मेरा सारा पानी पी गई।

उसके बाद वंदना  ने मुझे अपना चूत चाटने के लिए इशारा किया। मैं भी उसकी चूत को चाटने लगा। उसकी चूत पहले से बहुत गीली थी। मैं चूत चाटने लगा तो वह मेरे बालों से खेलने लगी और मेरे बालों को सहलाने लगी जिससे मुझे मज़ा आने लगा।

वह मेरे मुंह को अपनी चूत में दबाने लगी। लग रहा था जैसे कि वह मेरे मुंह को अपनी चूत के अंदर घुसा लेगी। पांच सात मिनट चूत चूसने के बाद वो झड़ गई, मैंने उसका सारा पानी पी लिया।

लेकिन वंदना  का मन नहीं भरा था, वंदना  ने मुझे फिर से उसकी चूत चूसने को कहा। इस बार वंदना  ने मुझे बिस्तर पर नीचे लिटाया और अपनी चूत मेरे मुंह के ऊपर रख कर बैठ गई, मेरे मुंह को चोदने लगी।

अपनी चूत को पाँच मिनट तक मेरे होंठों पर रगड़ने के बाद पीछे वो घूम कर 69 की पोजीशन में लेट गई। अब वंदना  दोबारा मेरे लंड को चूस रही थी और मैं उसकी चूत चूस रहा था।

5 मिनट के बाद उसने मुझसे कहा- वीर यारअब मुझे चोद दो!
मैं अपने दूसरे कमरे से कंडोम लेकर आया।

वंदना  ने एकदम प्रोफेशनल रंडी की तरह मुंह में कंडोम को रख कर, कंडोम को मुंह में फंसा कर मेरे लंड में कंडोम पहनाया। वंदना  का यह अंदाज मुझे बहुत अच्छा लगा।

मैं वंदना  के ऊपर गया और अपने लंड को उसकी प्यासी चूत पर सेट करके मैंने एक धक्का लगाया। मेरा लण्ड बड़े आराम से एक बार में ही पूरा अंदर चला गया। लेकिन वंदना  ने झूठ का दर्द होने का दिखावा किया और मना करने लगी, रुकने को कहने लगी। मुझे पता था कि साली रांड नौटंकी कर रही है। और पर मुझ पर सेक्स का भूत सवार हो चुका था तो मैंने उसे गंदी गंदी गालियां देते हुए चोदना शुरू कर दिया।

वो उम्म्हअहहहययाहकरती हुई चुद रही थी। उसे मजा रहा था। वो मेरे नीचे लेटी हुई अपने चूतड़ उछाल उछाल कर चूत चोदन में मेरा पूरा सहयोग कर रही थी और मजा ले रही थी।
मैंने वंदना  को 20-25 मिनट तक लगातार हचक हचक कर कर चोदा। जिसमें वंदना  दो बार झड़ गयी, जिससे चादर भी गीली हो गयी।
उसके बाद मैं भी कुछ तेज धक्के लगाकर उसकी चूत में ही झड़ गया क्योंकि मैंने कंडोम लगाया हुआ था तो कोई डर नहीं था।

उसके बाद हम दोनों अगल बगल लेट गए और बातें करने लगे। बीइच बीच में हम चूमा छाती भी कर रहे थे। नीचे नीचे मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर खेल रही थी।

मेरा लंड थोड़ी देर बाद खड़ा हो गया तो मैंने वंदना  से गांड मारने की बात की, वंदना  बिना किसी आनाकानी के तुरंत राजी हो गई।

उसने अपने पर्स से वैसलीन क्रीम निकाल कर दी। मैं कंडोम लेने दूसरे कमरे में जाने लगा तो उसने मुझे रोका और अपने पर्स में से कंडोम निकाल कर मेरे लंड पर चढ़ाया और उस पर वैसलीन क्रीम लगा दी जिससे कि लंड आसानी से उसकी गांड में चला जाए।

फिर मैंने उसे घोड़ी बनाकर गांड के छेद पर लंड लगाकर जोरलगाना शुरू किया और मेरे लंड का सुपारा अंदर घुस गया। इस बार शायद वंदना  को थोड़ा दर्द हुआ, वो रोने लगी और उसकी आंखें बाहर आने लगी।

2 मिनट तक मैंने उसकी नंगी पीठ को सहलाया और किस किया। उसके बाद मैंने फिर से एक जोर का धक्का मारा और मेरा पूरा लंड वंदना  के गांड में समा चुका था।
वंदना  बेड पर गिर गई क्योंकि वह इस धक्के के लिए तैयार नहीं थी।

5 मिनट तक रुकने के बाद मैंने धीरे-धीरे लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया लंड अपनी जगह बना चुका था। फिर मैंने धक्के लगाना तेज कर दिया मैं वंदना  की गांड की जोरदार ठुकाई कर रहा था।
अब मैं लंड को पूरा बाहर निकालता और एक बार में अंदर डाल देता। जिससे वंदना  को दर्द भी देता और मजा भी आता। कभी-कभी मैं गांड मारते मारते लंड निकालकर अचानक से चूत में डाल देता। चूत में धक्के मारने लगता मुझसे वंदना  को बहुत मजा रहा था। मैं बारी-बारी वंदना  की गांड और चूत एक साथ चोद रहा था।

वंदना  की चूत इस बीच एक बार और झड़ चुकी थी।

लगभग आधे घंटे की ठुकाई के बाद मैं वंदना  की गांड में ही झड़ गया।

इस तरह से मैंने वंदना  को एक डेढ़ घंटे जमकर चोदा। वो अपनी चूत और गांड ठुकाई में मिले आनन्द के कारण बहुत खुश नजर रही थी।

उसके बाद हम लोगों ने कुछ देर आराम किया। तब वंदना  नंगी ही बिस्तर से उठी और उसने अपने आप को बाथरूम में जाकर साफ किया।

थोड़ी देर बाद राज गया। उसके बाद वंदना  और राज फिर से रूम में चले गए, राज और वंदना  ने फिर से ठुकाई की।

ठुकाई करने के बाद वे लोग चले गए।

तब से वंदना  से मेरी सीधी बात होने लगी, अब जब भी हम लोगों को मन करता है, हम लोग मिलकर ठुकाई करते हैं

 
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