बुधवार, 6 सितंबर 2023

प्रीति दीदी के साथ सेक्स कहानी | भाई बहन सेक्स कहानी

 प्रीति दीदी के साथ सेक्स कहानी 

दोस्तो, मैं गौतममेरे पिता जी एक बहुत बड़े बिज़नसमैन है। उनका करोड़ों का बिज़नस है। जिस सिलसिले में वो विदेशों में अक्सर ही रहते हैं। मॉम भी उनकी ही पार्टनर हैं। वे दोनों अक्सर अपने बिजनेस के सिलसिले में घर से बाहर ही रहते थे।




मैं एमबीए कर रहा हूँ। मेरी कद काठी बहुत ही मस्त है, जिस कारण बहुत सी लड़कियां मुझ पर मरती भी हैं। मेरी बहन की सहेलियां भी मुझपे मरती हैं।

अब पहले मैं अपनी बड़ी बहन के बारे में बता देता हूँ। मेरी बहन का नाम प्रीति है। उसका कद 5 फुट 2 इंच है, उसे तने हुए मम्मे 35 इंच के हैं। उठी हुई गांड का नाप 38 इंच है। उसका पेट बिल्कुल भी निकला हुआ नहीं है। वो एक तरह से सेक्स बम्ब है, जो भी उसे देखता है, उसका लंड खड़ा हो जाता था। मेरा दावा कि अगर कोई बूढ़ा भी उसको देख ले, तो मेरा दावा है कि उस बुड्डे का लंड भी खड़ा हो जाएगा। हालांकि मैंने कभी भी अपनी बहन को सेक्स की नज़र से नहीं देखा था।

हमारे घर पर कोई भी रोक टोक नहीं है। कोई भी कैसे भी कपड़े पहन सकता है।

एक बार प्रीति  मेरे साथ शॉपिंग कर रही थी, तो वो ब्रा पेंटी वाले सेक्शन में चली गई। मुझे देर हो रही थी, तो मैं उसे बुलाने चला गया। मैंने देखा कि वो बहुत ही हॉट ब्रा पेंटी खरीद रही थी। मैं ये देख कर शॉक्ड हो गया।

प्रीति  ने मुझे देखकर वो छुपाई नहीं बल्कि शॉप वाले लड़के को और हॉट पेंटी ब्रा दिखाने को बोलना शुरू कर दिया।

उसने सेल्समैन से कहने के बाद मेरी तरफ देखकर स्माईल दी। मैं कुछ नहीं बोला, बस चुप रह गया। उसने बड़ी तसल्ली से अपने लिए ब्रा पेंटी खरीदी और पैक करवाके मेरे साथ वापस गई।

जब मैं घर गया और खाना खाकर सोने लगा, तो मुझे नींद नहीं रही थी। अचानक मुझे प्रीति  की याद गई कि वो कैसे ब्रा पेंटी बड़े आराम से मेरे सामने ही हाथ में लेकर बैठी थी। मैं अचानक उसके मम्मों और चूतड़ों के बारे में सोचने लगा कि इतने मस्त चूचे और चूतड़ हैं, पता नहीं साली कितनों से चुदी होगी। बस उसकी नंगी जवानी को याद करके मैं मुठ मार कर सो गया।

सुबह जब ब्रेकफास्ट के टेबल पर आया, तो प्रीति  शॉर्ट्स में ही थी, जो काफी पतले कपड़े के थे। उसमें से उसकी रेड कलर की पेंटी और ग्रीन ब्रा नज़र रही थी।

मैंने उससे बात की- प्रीति  दी, आज कॉलेज नहीं जाना क्या?
प्रीति - नहीं भाईमेरी तबियत ठीक नहीं है, रात को मैं बाथरूम में गिर गई थी, मेरी कमर में दर्द हो रहा है।
मैं- अरे कैसे हो गया प्रीति दी  … और आप अब बता रही हो, पहले क्यों नहीं बतायातुम बता सकती थी मुझे रात को ही जगा लेना था।
प्रीति - अरे बाबूमेरी डार्लिंग, कोई बात नहींमैंने पेन किलर गोली ले ली थीअब बस कमर में जरा सा दर्द है। अगर तुम मेरी मालिश कर दो, तो मेहरबानी होगी।
मैं- अरे प्रीति दी  मेहरबानी की क्या बात हैआओअभी कर देता हूँ।

हम दोनों रूम में गए। वो मेरे बेड पर उल्टा लेट गई। मैं तो उसके चूतड़ों को देख कर उसी घाटी में खो गया।

तभी प्रीति दी  ने आवाज लगायी- अब शुरू भी हो जाओ यार!

मैंने प्रीति दी  के शॉर्ट्स को उतारा, तो उसकी रेड पेंटी गांड के अन्दर घुसी जा रही थी। ये देख कर मेरा लंड खड़ा ही हो गया। मैंने जैसे ही उसकी कमर पर हाथ लगाया, मैं तो जैसे स्वर्ग में ही चला गया था।

मैंने अच्छे से प्रीति दी  की गांड की मालिश शुरू की। प्रीति दी  भी थोड़ाआह आह्ह आह्ह्ह …’ कर रही थी।

प्रीति दी  बोली- तुम्हारे हाथों में जादू है, मेरा दर्द कम हो रहा हैदो तीन दिन की मालिश कर देना, मैं ठीक हो जाऊंगी।

मैं रोज प्रीति दी  की गांड की मालिश करने लगा। तीन दिन में प्रीति दी  ठीक हो गई। लेकिन अब मेरे मन में हमेशा प्रीति दी  की गांड ही रहती कि क्या मैं कभी प्रीति दी  के साथ सेक्स कर पाऊंगा या नहीं। फिर मैं सोचता कि वो मेरी बहन है। मुझे कुछ तो समाजिक बंधन डरा रहे थे, कुछ अन्दर से भी डर सा लग रहा था।

एक दिन मैं कॉलेज में दोस्तों के साथ मस्ती कर रहा था, तो मेरा दोस्त रोहण भारद्वाज, मुझसे बात करने लगा। रोहण मेरा कॉलेज का दोस्त था। वो काफी बार कई रंडियां चोद चुका था। उसके पिता जी मेरे पिता जी से भी 20 गुना अमीर थे। उसके घर से पैसों की कोई कमी नहीं थी।

रोहण मुझसे बोला कि आज मैं एक नयी रंडी चोदने जा रहा हूँ, साली सील बंद माल हैउसकी पुददी का उद्घाटन मैं ही करूंगा। दो लाख में उसकी नथ उतारने का सौदा हुआ है। उसकी पुददी को मैं रात भर चोदूंगा, तू भी चल, तू भी अपना लंड उसके मुँह में डाल लेना।

मैंने मना कर दियाक्योंकि मेरे मन में प्रीति  ही थी। मैं घर गया।

मैं घर कर प्रीति  के नाम की मुठ मार कर सोने लगा। पर नींद नहीं रही थी, तो मैं अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी पढ़ने लगा।

इसमें रिश्तों में ठुकाई की कुछ हिंदी सेक्स स्टोरी का लिंक पर क्लिक किया, तो सामने भाई बहन, बाप बेटी की सेक्स स्टोरी गईं। मैंने दो सेक्स स्टोरी पढ़ीं, तो मजा गया। फिर मैंने ऑनलाइन सेक्स चैट करनी शुरू की, जिसमें एक लड़की से मेरी चैट शुरू हुई। हम दोनों बहुत ही खुल कर चैट करने लगे थे। वो मेरे ही शहर की थी।

करीब एक हफ्ते तक उस लड़की से सेक्स चैट के बाद मैंने उससे मिलने को बोला कि हम सेक्स करेंगे। लेकिन उसने मना कर दिया। मेरी बहुत मिन्नतें करने पर उसने मिलने की हामी भरी।

मैंने पूछा कि हम एक दूसरे को पहचानेंगे कैसे?
उसने बोला कि मैं ब्लैक टी-शर्ट पहन कर आऊंगी। तुम भी ब्लैक टी-शर्ट में ही आना।
मैंने ओके कह दिया।

हमने मिलने की जगह एक रोज़ गार्डन का वो हिस्सा रखा था, जिसमें कोई नहीं जाता था। मैं सुबह गार्डन में जाकर बैठ गया। मैं फोन पर उससे चैट कर रहा था, अचानक पीछे से किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रखकर कहा- गए जनाब।

मैं जैसे ही पीछे मुड़कर देखने लगा, मेरे तो तोते ही उड़ गए। क्योंकि वो मेरी ही सगी बहन प्रीति  थी।

प्रीति  भी मुझे देख कर हैरान हो गई। दो तीन मिनट तक तो हमने आपस में कोई बात ही नहीं की।

फिर मैंने बात शुरू की- प्रीति दी , आप ऐसी साइट पर सेक्स स्टोरी पढ़ती होक्या आपको शर्म नहीं आतीआप रात भर सेक्स चैट करती हो।
प्रीति - तो तुम भी तो रात भर सेक्स चैट करते होकैसे रात को मेरी पुददी चाटने की बात कर रहे थे। तुम बोल रहे थे कि अपना 8 इंच का लंड मेरी पुददी में डालोगे, रात भर चोदोगे, गांड भी मारोगे। यह सब कुदरत की देन है। इसमें ना आपकी गलती है, ना मेरी। भाई ये प्राकृतिक क्रिया है। मेरा भी चुदने का मन करता है, जब मैं पोर्न मूवी देखती हूँ। आज तो मेरा मन और भी ज्यादा कर रहा है। लेकिन इधर तो तुम निकले।

मैंने उसको खुल कर पुददी लंड ठुकाई बोलते देखा तो मैंने कहा- तो क्यों ना हम आपस में ही सेक्स करें?
लेकिन प्रीति  ने साफ मना कर दिया और बोली- भाई बहन में ये सब नहीं हो सकता। हां, हम लोग खुल कर बात कर सकते हैं।

मैंने पूछा- तुम अभी तक कितने लड़कों से चुदी हो?
प्रीति  ने बताया- मैं अभी तक वर्जिन हूँ। मैंने आज तक कभी सेक्स नहीं किया है, लेकिन मेरा मन बहुत करता है। पर मैं भाई के साथ नहीं कर सकती।

तभी मेरे मन में एक ख्याल आया कि क्यों ना मैं प्रीति  को रोहण से चुदवा लूं और उससे वर्जिन पुददी के बदले पैसे भी वसूल करूं। वैसे भी पापा ने स्पोर्ट्स बाइक लेकर देने को मना कर दिया और बोला था कि खुद कमाओ और चाहे जहाज खरीद लो।

उधर से हम दोनों घर वापस गए।

मैंने प्रीति दी  के रूम में जाकर प्रीति दी  को बड़े प्यार से कहा- प्रीति दी  मेरे पास एक रास्ता हैजिसमें आपकी पुददी को ठुकाई का मजा भी आएगा और हम पैसे भी कमा सकते हैं।
प्रीति  बोली- कैसे?
मैंने रोहण के बारे में बताया तो प्रीति दी  ने पूछा- कोई रिस्क तो नहीं होगा?

अब मैंने प्रीति दी  को बस किसी तरह रोहण से चुदने के लिए मना ही लिया।

अगले दिन कॉलेज जाकर मैं रोहण के सामने जानबूझ कर प्रीति दी  की पिक देख रहा था।

रोहण ने प्रीति  की पिक देखते ही कहा- वाह क्या माल है यारऐसी पटाखा लड़की तो मैंने आज तक नहीं देखीकौन है यह छमिया?
मैंने बोला- एक टॉप की मॉडल है।
रोहण बोला- इसकी दिलवा दे, मैं तुझे भी खुश कर दूँगा।
मैंने कहा- यह पांच लाख रुपए लेगी क्योंकि यह वर्जिन है।
वो बोला- कोई नहीं यारबस तू तो इसकी कुवारी पुददी दिलवा दे।
मैंने हामी भर दी।

फिर घर वापिस कर मैंने प्रीति दी  को बताया।

प्रीति दी  बोली- मैं होटल में नहीं जाऊंगी, वहां सबको पता चल जाएगा कि मैं कॉलगर्ल हूँ, उसे तुम घर पर ही बुला लो।
मैंने कहा- ठीक है लेकिन उसे पता ना चले कि हम दोनों भाई बहन हैं।
प्रीति  बोली- तुम टेंशन ना लोवो मैं सब हैंडल कर लूंगी।

मैंने रोहण से पैसे लिए और उसे लेकर अपने घर ले आया। रोहण ने पूछा कि किधर ले जा रहा है।

मैंने कहा- तू बस चलउसको मैंने अपने घर में बुला लिया है।

हम दोनों घर गए। मैंने प्रीति दी  को मिस कॉल दी, तो प्रीति दी  ऊपर वाले कमरे से नीचे गई।

इस वक्त उसने एक बहुत ही सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी। क्या बताऊं, उसे देखकर तो मेरा लंड भी खड़ा हो गया था।

रोहण ने प्रीति  को हग किया और उसके होंठों पर चुम्बन कर दिया।

प्रीति दी  ने स्माईल दी और मुझे आंख मारी। वो रोहण से बोली- आप कमरे में अन्दर चलिए, मैं अभी आती हूँ।
रोहण कमरे में चला गया।

प्रीति  ने मेरे कान में कहा- आज तुम्हारी 22 साल की बहन की ठुकाई होने वाली है, पुददी की सील टूटने वाली है, मेरी ठुकाई देखना और मजे लेना।
यह कह कर प्रीति  कमरे के अन्दर चली गई।

रोहण ने प्रीति दी  के कमरे में आते ही उसे पीछे से झटके से पकड़ लिया और होंठों को जबरदस्त चूसने लगा। वो प्रीति दी  के मम्मों को दबाने लगा। कभी वो प्रीति दी  के चूतड़ों को दबाता और चुम्मियां लेता।

उसकी हरकतों से मेरा तो लंड पूरे ताव में गया था। उसने प्रीति  की टी-शर्ट और जींस उतार दी। साथ ही उसने प्रीति  प्रीति दी  की बहुत सेक्सी दिखने वाली पेंटी भी फाड़ दी। प्रीति दी  की बिना बाल वाली चिकनी पुददी उसके सामने गई थी। वो प्रीति दी  की पुददी चूसने लगा।

वो एकदम से पगला गया था। कभी वो प्रीति दी  की पुददी में जीभ डालता, कभी पुददी के दाने को चाटने लगता। मैंने देखा कि कुछ ही देर में प्रीति  प्रीति दी  की पुददी एकदम लाल हो गई थी।

फिर रोहण ने अपना लंड प्रीति  के हाथ में पकड़ा दिया और बोला कि इसे चूस कर खड़ा कर दे।

प्रीति  ने लंड चूसने से मना किया, तो उसने प्रीति  के मुँह पर चांटा जड़ दिया। मुझे बहुत गुस्सा आया, लेकिन अब पैसे लिए थे, तो क्या कर सकते थे, प्रीति  को रोहण का लंड चूसना पड़ा। लेकिन दो मिनट बाद ही मुझे लगा कि प्रीति  खुद ही बड़े मजे रोहण का लंड चूस रही थी। वो गले तक लंड लेने लगी थी।

रोहण को भी लंड चुसाई में मजा रहा था, वो प्रीति  के बाल पकड़ कर मुख मैथुन में लगा हुआ था।

कुछ देर बाद रोहण ने प्रीति  की पुददी के होंठों पर अपना दस इंच का लंड रखा और धक्का दे मारा।
उसका दो इंच लंड प्रीति  की पुददी में घुसता चला गया, जिससे प्रीति  बहुत ऊंचे स्वर में चिल्ला उठी- उई मां मर गईमुझे बचाओ उम्म्हअहहहयओह
उसकी आंखों में आंसू गए थे।

तभी रोहण ने दूसरा झटका दे मारा, तो उसका आधा लंड पुददी में चला गया।

लंड के झटकों के कारण प्रीति  प्रीति दी  बेहोश हो गई। रोहण भी एकदम से डर गया और उसने लंड डाले हुए रुकना ठीक समझा। उधर ही पास की टेबल पर पानी का गिलास रखा था। रोहण प्रीति  के चेहरे पर पानी के छींटे मारने लगा।

कुछ देर बाद प्रीति  को होश आया, तो रोहण फिर से शुरू हो गया। कुछ देर बाद प्रीति  को दर्द होना बंद हो गया।

रोहण प्रीति  प्रीति दी  को आधा घंटे तक चोदता रहा। अब प्रीति  को मजा आने लगा था। वो एक बार झड़ गई थी, तो उसकी पुददी में चिकनाई गई थी। इससे रोहण का लंड बड़ी तेजी से प्रीति  प्रीति दी  की पुददी में अन्दर बाहर हो रहा था।

कुछ देर बाद प्रीति  प्रीति दी  रोहण के ऊपर गई। इससे साफ़ पता चल रहा था कि अब उसे भी खूब मजा आने लगा था। वो रोहण के लंड पर पुददी टिका कर बैठ गई। रोहण ने नीचे से कमर उठा कर प्रीति  की पुददी में पूरा लौड़ा पेल दिया।

कुछ देर बाद प्रीति  रोहण के लंड पर उछल उछल कर चुदने लगी। मुझे पीछे से प्रीति  प्रीति दी  की उछलती गांड बहुत ही मस्त लग रही थी।

कोई एक घंटे तक प्रीति दी  की पुददी को दो बार चोदने के बाद रोहण अपने कपड़े पहन कर चला गया। लेकिन वो प्रीति  की पुददी का बैंड बजा गया था। मेरी बहन की ठुकाई जोरदार हो चुकी थी।

प्रीति  से उठा भी नहीं जा रहा था। मैंने जाकर उसको उठाया और बाथरूम में ले गया। बाथरूम में ले जाकर मैंने उसकी पुददी की सफाई की और तेल लगाया। फिर कमरे में ला कर मैंने प्रीति दी  को पेनकिलर गोली दी, ताकि ज्यादा दर्द ना हो।

प्रीति  ने मुझे हग किया और कहा- थैंक्स भाईमुझे लड़की से औरत बनाने के लिए।
मैंने कहा- इट्स ओके।
वो कहने लगी- मुझे रोहण से चुदने में बड़ा मजा आया। आज की पूरी कमाई तेरी हो गई। तू सारे पैसे रख ले।

मैंने फिर एक बार उसकी आंखों में देखा, तो वो मेरी बात समझ गई।
उसने कहा- अभी भी मुझे अपने भाई से चुदने में गलत नजर रहा है।
मैंने कहा- इन्तजार सब गलत को सही कर देता है। मुझे इन्तजार रहेगा।
प्रीति दी  ने मुझे गले से लगा लिया।

फिर मैंने कहा- दूसरा लंड लेना हो तो बात करूं?
प्रीति  हंस दी और बोली- एक दो दिन बाद बताती हूँ।

 
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