बुधवार, 22 नवंबर 2023

रीवा भाभी को खेत में चोदा | रीवा भाभी सेक्स कहानी

 रीवा भाभी को खेत में चोदा 

यह हिंदी सेक्स स्टोरी मेरे एक पाठक की है। उसने अपने पड़ोस में रहने वाली यानि अपनी भाभी की चुदाई कैसे की, यह बताया है। तो मजा लें कि जवान लड़के ने भाभी को कैसे चोदा।



यह हिंदी सेक्स स्टोरी मुझे मेरे एक प्रिय पाठक ने भेजी है, उसी की लिखी हुई हिंदी सेक्स कहानी को आपके सामने शेयर कर रही हूं।

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम किशन साहू  है और मैं 25 साल का बड़ा ही हॉट और सेक्सी लड़का हूं। मेरा गठीला बदन है। मेरे लंड का साइज 4 साल पहले 6 इंच लम्बा और दो इंच मोटा था, मगर मेरी एक भाभी या कहूँ कि मेरे दोस्त की माँ ने मेरे लंड का साइज ही बदल दिया है। आज मेरा लंड नौ इंच लम्बा और तीन इंच मोटा हो चुका है। मेरा लंड भी दिखने में एकदम हॉट और सेक्सी है। ये सब मेरे दोस्त की माँ और मेरी हॉट, सेक्सी रीवा भाभी के कारण हुआ।

आप यही सोच रहे होंगे कि मेरी भाभी के कारण मेरे लंड का साइज कैसे बढ़ सकता है। मगर मैं आपको बता दूं कि मेरी पहली चुदाई मैंने अपने दोस्त की माँ के साथ ही की थी। आज भी जब भी मुझे टाइम मिलता है और वो घर पर अकेली होती हैं, तब मैं उनकी भरपूर चुदाई करता हूं।

सच बताऊंतो रीवा भाभी बहुत बड़ी चुदक्कड़ हैं। अगर उन्हें किसी का लंड मिल जाए, तो वे उसके लंड का रस पिए बिना उसे अपने हाथों से दूर नहीं जाने देती हैं। रीवा भाभी के जिस्म की कामुकता इतनी ज्यादा है कि कोई भी मर्द उनको एक बार देख ले, तो वो अपना आपा खो दे और उसे अपने ही हाथों से अपने लंड की मुठ मारनी पड़ जाए।

अब मैं आपको उनके फिगर के बारे में बताता हूं। रीवा भाभी की उम्र उस समय करीब 36 साल होगी और उनका फिगर 36-30-38 का था। उनके बहुत बड़े बड़े दूध थे, सेक्सी कमर और बहुत ही मोटी गांड थीजिसकी चुदाई के लिए आपका भी मन मचल जाएगा। रीवा भाभी का बदन एकदम सफ़ेदजैसे वो दूध में नहाई हुई हों। भाभी के जिस्म पर एक भी दाग नहीं थाऊपर से नीचे तक एकदम मस्त थीं। उनके निप्पल थोड़े से बड़ेमगर एकदम पिंक कलर के, जिन्हें चूसने में बहुत मजा आता था।

भाभी की नाभि एकदम गहरी, जिसमें आपका खो जाने का मन करे। भाभी अपनी चुत को एकदम साफ रखने वाली थीं। वो हमेशा अपनी चुत की टाइम टाइम पर सफाई करके रखती थीं।

आपको उनकी फैमिली के बारे में बता दूं उनकी फैमिली में पांच लोग हैं। मेरे दोस्त के पापा, उसकी माँ, उसकी दादी, उसकी एक बहन और खुद मेरा दोस्त। दोस्त की दादी उसकी बहन और वो शहर में पढ़ाई करने के लिए रहते हैं। वो घूमने के लिए कभी कभी गांव जाता है।

ये बात आज से दो साल पहले की है। वैसे मैंने कभी अपने दोस्त की माँ के बारे में ऐसे विचार नहीं सोचे थेमगर एक दिन मैं अपने दोस्त के घर गया और मैंने घर पर मेरे दोस्त को आवाज दी।

मगर रीवा भाभी की आवाज बाथरूम से आई- वो यहां नहीं है। बाजार कुछ सामान लेने गया है, वो थोड़ी देर में जायेगा।
मैंने कहा- ठीक है।

इतना कह कर मैं चला गया। उस वक्त तक मुझे नहीं पता था कि वो नहाने बाथरूम में गयी थीं।

थोड़ी देर बाद मैं फिर से उनके घर आया और संयोग से ऐसी जगह खड़ा था, जहां से बाथरूम का नजारा साफ दिखाई दे रहा था।

मैं दोस्त को आवाज देने ही वाला था कि इतने में बाथरूम का दरवाजा खुला, मैंने देखा कि मेरे दोस्त की माँ रीवा मेरी आंखों के सामने सिर्फ टॉवेल लपेटे हुए थीं और वो टॉवेल भी बस रीवा भाभी को नाम मात्र ही ढक रहा था। ऊपर से पूरा खुला हुआ बदन, सिर्फ आधे मम्मों को ही ढक पा रहा था और नीचे से भी सिर्फ थोड़ी सी चूत को ही ढक पा रहा था। अगर टॉवेल थोड़ी ऊपर और हो जाती, तो मुझे रीवा भाभी की चूत भी साफ दिखाई दे जाती।

उनकी नजर मुझ पर पड़ी, वो जल्दी से मेरे सामने से भागती हुई गईं और अपने कमरे की तरफ भागीं, मगर ये क्या भागते हुए रास्ते में उनका टॉवेल खुल गया और मेरे सामने रीवा भाभी एकदम नंगी हो गई थीं। वो अपने बदन को छुपाने की नाकाम कोशिश करती हुई दिख रही थीं।

मुझे जो देखना था, वो मुझे दिख गया था। मैंने रीवा भाभी को ऊपर से नीचे तक पूरा नंगी देख लिया था। मैंने अपनी लाइफ में पहली बार किसी औरत को अपनी आंखों के सामने नंगी देखा था। उस समय मेरा लंड एकदम तन गया था।

वो मुझे देखकर जल्दी से हंसती हुई भागीं और अपने कमरे में चली गईं।

करीब बीस मिनट बाद वो कपड़े पहन कर बाहर आईं। वो इस वक्त एक सेक्सी सी साड़ी पहन कर आई थीं। साड़ी तो उनके बदन लिपटी हुई थी, मगर पता नहीं क्यों अब भाभी मुझे सेक्सी सी दिखने लगी थीं। शायद मैंने उन्हें नंगी देख लिया था इसलिए मुझे ऐसा लगने लगा था।

भाभी ने मुझे हंस कर देखा और अपनी झेंप खत्म करने की कोशिश की। मगर अब मेरी निगाह उनके मम्मों पर ही टिकी हुई थी। भाभी ने शायद मेरी वासना को पढ़ लिया था।

फिर मैंने भाभी से दोस्त के लिए कहा, तो भाभी ने कहा- वो अभी नहीं आया है।

मैं वहां से चुपचाप घर गया। घर कर मेरा मन बिल्कुल भी शांत नहीं था क्योंकि मैंने उनके जिस्म का वो हिस्सा देख लिया था, जो नहीं देखना चाहिए था। उसके बाद से मेरे दिल में मेरे ही दोस्त की माँ के प्रति गलत भावना बनने लगी।

मैं रीवा भाभी के नाम की दिन में चार से पांच बार मुठ मारने लगा। इतना सेक्सी जिस्म देख कर किस मर्द का लंड खड़ा नहीं होगा।

इसी बीच में भाभी के घर जाता रहा और उनको देखता रहा। उनकी आँखों ने मेरी कामपिपासा को पढ़ लिया था, मगर उन्होंने हर बार हंस कर ही मुझे सिड्यूस किया।

पांच दिन बीत गए थे, लेकिन जब भी मैं रीवा भाभी के बारे में सोचतामेरा लंड एकदम तन जाता और फिर लंड को रीवा भाभी के नाम की मुठ मारके ही शांत करना पड़ता था।

मैंने सोच लिया था कि चाहे जो भी हो, मुझे रीवा भाभी की चुदाई करनी ही है।

अगले दिन मैं फिर से उनके घर गया। घर पर कोई नहीं था, अंकल भी खेत गए हुए थे। रीवा भाभी घर पर अकेली ही थीं। मैंने सोच लिया था कि मैं आज रीवा भाभी को चोद कर ही उनके घर से बाहर निकलूंगा, चाहे कुछ भी हो जाए।

रीवा भाभी शायद घर का काम कर रही थीं, तो मैं खुद घर के अन्दर ही चला गया। भाभी ने मुझे देखा और हंस कर पास आने को कहा। मैंने देखा कि वो अपने बेडरूम में बिस्तर ठीक कर रही थीं। मैंने जैसे ही उन्हें देखा, मेरा लंड एकदम तन गया।

मैंने रीवा भाभी को पीछे से पकड़ लिया। मैंने सीधे ही उनके दोनों मम्मों अपने हाथ में ले लिए और जोर जोर से उन्हें मसलने लगा।

भाभी की आह निकलने लगी। उन्होंने पीछे मुड़ कर मुझे देखा और एकदम से सकपका गईं। उन्होंने कहा- ये क्या कर रहे हो किशन साहू ?
मैंने कहा- कुछ नहीं भाभीवही कर रहा हूं, जो मुझे बहुत पहले कर लेना चाहिए था।
वो समझ गईं कि मैं क्या करने की बात कर रहा हूं।

उन्होंने कहा- ये सब गलत है किशन साहू  … मैं तुम्हारे दोस्त की माँ हूंऔर तुम्हारी भी माँ जैसी ही हूं।
मैंने कहा- माँ जैसी होमाँ तो नहीं हो ना

बस मैं अपने काम में लग गया। मैंने रीवा भाभी के मम्मों को जोर जोर से मसलना शुरू कर दिया और उनकी आहें तेज़ हो गईं। शायद भाभी के दिल में भी मुझसे चुदने की इच्छा थी, पर वो कह नहीं पा रही थीं।

मैंने उनके गले पर भी किस करना शुरू कर दिया। मैंने उन्हें अपनी तरफ घुमाया और उन्हें दीवार की तरफ ले गया। मैंने भाभी को दीवार के सहारे खड़ा कर दिया और मैं रीवा भाभी को जोर जोर से किस करने लगा।

उन्होंने मुझे फिर से प्यार से कहा- किशन साहू  प्लीज़ ये सब गलत हैऐसा मत करो।
मगर मैं नहीं माना, मैं मेरे काम में लगा रहा।

मैंने उनके होंठों को फिर से मेरे होंठों के बीच में ले लिया और जोरों से किस करने लगा। उनके मम्मों को बहुत ही जोरो से मसलने लगा। उनकी आहें निकलने को हो रही थीं, मगर मेरे मुँह में ही दबी जा रही थीं। उनकी सांसें तेज़ हो चुकी थीं और मेरी भी सांसें तेज़ होने लगी थीं। मैं लगातार उन्हें किस किए जा रहा था।

वो धीरे धीरे मेरा साथ देने भी लगीं मगर कभी कभी मुझे रोकने का प्रयास भी करती रहीं। मुझे रुकना था और मैं रुका। मैं बस अपने काम में लगा रहा।

थोड़ी देर बाद उन्होंने बोलना ही बंद कर दिया और मेरा साथ देने लगीं। अब वो भी मुझे किस करने लगीं। मैं समझ गया कि रीवा भाभी भी अब मेरे लंड का स्वाद चखना चाहती हैं।

उन्होंने धीरे से बुदबुदाते हुए कहा- मैं तुमसे कह ही नहीं पा रही थी लेकिन तुमने मेरा मन पढ़ लिया।

यह सुनकर मैंने बिना देर किये अपने एक हाथ को रीवा भाभी की चूत के ऊपर पहुंचा दिया और साड़ी के ऊपर से ही मैं उनकी चूत को सहलाने लगा। अपने एक हाथ से उनके मिल्की मम्मों को मसलता रहा।

रीवा भाभी की आहें बहुत तेज़ हो गयी थीं और उनकी सांसें भी बहुत तेज़ चलने लगी थीं। वो अब अपने पूरे जोश में गयी थीं।

मैंने बिना देर किये धीरे धीरे उनके सारे जिस्म पर किस करना शुरू कर दिया। गले पर, सीने पर और फिर उनके पेट पर किस करने लगा। जैसे ही मैं किस करते हुए उनकी नाभि के पास पहुंचा और जैसे ही मैंने उनकी नाभि पर किस किया, वो सिहर उठीं। उनकी इस सीत्कार से मेरे अन्दर एक ऊर्जा सी दौड़ गयी।

मैंने अपनी जीभ से उनकी नाभि को खूब चूमा। मैं ये बार बार करने लगा। हर बार रीवा भाभी आहें लेतीं, जिससे मुझे बहुत मजा आता।

उनकी मस्त आहें सुन कर मेरे लंड का हाल भी बहुत बुरा हो चुका था। वो एकदम तन कर फटने की कगार पर पहुंच चुका था।

तभी रीवा भाभी ने मेरे लंड को मेरी पैंट के ऊपर से ही पकड़ा और कहा- माय गॉडतुम्हारा लंड इतना मोटा और इतना लम्बा है। मुझे मालूम ही नहीं था कि ये इतना बड़ा भी हो सकता है।
मैंने कहा- हां रीवा भाभी
रीवा भाभी ने कहा- इतना लम्बा और मोटा लंड तो तुम्हारे अंकल का भी नहीं है।
मैंने कहा- रीवा भाभी, हर किसी के पास ऐसा लंड नहीं होता, ऐसा बनाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है।
रीवा भाभी ने कहा- कैसी मेहनत?
मैंने कहा- भाभी अब आप अनजान बनने की कोशिश मत करो, आप जैसी हॉट सेक्सी औरत के नाम की मुठ मारने के बाद ही लंड इतना बड़ा हो सकता हैये बात तो आप भी जानती हैं।
रीवा भाभी ने हंसते हुए कहा- अब तक तुमने कितनी बार मुठ मारी है?
मैंने कहा- रीवा भाभी, पिछले पांच दिन में आपके नाम की करीब पच्चीस बार मुठ मार चुका हूं।

मेरे इतना बोलते ही रीवा चाची ने मेरे होंठों पर किस कर दिया। ये पहली बार था कि रीवा भाभी ने खुद आगे रहकर मुझे किस किया था।

किस करने के थोड़ी देर बाद रीवा भाभी ने कहा- ओह किशन साहू , क्या सच में तुम मुझे इतना चाहते हो?
मैंने कहा- हां रीवा भाभी, मैंने जब से आपके नंगे जिस्म को देखा हैमेरे लंड को चैन नहीं मिल रहा है। मुझे बार बार आपके नाम की मुठ मारनी पड़ती है।
रीवा भाभी ने कहा- ठीक हैआज के बाद तुम्हें मुठ नहीं मारनी पड़ेगी।

मैंने इतना सुनते ही रीवा भाभी की साड़ी उतार दी और उनका ब्लाउज़ और पेटीकोट भी उतार दिया। रीवा भाभी मेरे सामने ब्रा और पेंटी में थीं। क्या गजब लग रही थीं।

मैंने उन्हें धक्का दे कर बिस्तर पर लेटा दिया और मैं उनके ऊपर चढ़ गया। मैं उन्हें जोर जोर से किस करने लगा। अब तो रीवा भाभी भी मेरा पूरा साथ दे रही थीं। वो मेरे सर को सहलाने लगीं।
मुझे लग रहा था कि जैसे भाभी मेरा सर सहलाकर वो मुझसे बोल रही हों कि किशन साहू  आज अपनी भाभी की भरपूर चुदाई कर दो।

अब रीवा भाभी मेरा साथ देने लगी थीं। मुझे बहुत मजा आने लगा। मैं अपनी सारी भड़ास रीवा भाभी पर निकलना चाहता था, तो मैंने वैसा ही किया।

मैंने रीवा भाभी के मुँह की जबरदस्त चुदाई करने की सोची। मैंने अपना लंड रीवा भाभी के मुँह में लंड दे दिया। भाभी ने मेरा लंड बड़ी शिद्दत से चूसना शुरू कर दिया।

मैं मस्ती से लंड को भाभी के गले गले तक पेलने लगा। मैं उनके मुँह की खूब चुदाई करने लगा।

यह पहली बार था कि मैं किसी औरत के मुँह को चोद रहा था। मैंने भी रीवा भाभी के सर को पकड़ा और जोर जोर से उनके मुँह में अपना लंड डाल कर चोदने लगा। मुझे बहुत मजा रहा था और रीवा भाभी भी मुँह चुदाई के मजे ले रही थीं।

कोई दस मिनट बाद मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया। मैंने अपने लंड का रस रीवा भाभी के मुँह में ही छोड़ा था। उनका पूरा मुँह मेरे लंड के रस से भर गया था और कुछ नीचे भी गिर गया था। बाकी का सारा रस रीवा भाभी पी गयी थीं। वो लंड का रस ऐसे चूस रही थीं कि जन्मों की प्यासी हों, उन्हें ये रस कभी मिला ही हो।

लंडरस पीने के बाद मैंने बैठी हुई रीवा भाभी को बेड पर धक्का मारा और उनके सारे कपड़े उतार कर उनको नंगी कर दिया।

भाभी नंगी हो चुकी थीं और बिस्तर पर चित लेटी थीं। मैं उनकी चूत को अपनी जीभ से सहलाते हुए चूसने लगा। रीवा भाभी पागल हो गईं और मेरे सर को पकड़ कर अपनी चूत की तरफ दबाने लगीं।

भाभी बोलने लगीं- किशन साहू  चूस लो मेरी चूत कोपी जाओ इसका रस और मेरी चूत की आग को शांत कर दो।
मैं भी पहली बार ही किसी की चूत चूस रहा था, तो मैं भी मजे से चूसता रहा।

रीवा भाभी की चूत को दस मिनट के भीतर ही रीवा भाभी जोर जोर से आहें लेने लगीं। वे बोलने लगीं- आह किशन साहू  और जोर से चूसो और जोर से चूसो मेरी चूत को। मैं और भी जोश में गया और जोर जोर से रीवा भाभी की चूत को चूसने लगा।

थोड़ी ही देर में रीवा भाभी की चूत ने अपना रस छोड़ दिया और वो सारा रस मेरे मुँह में गया। रीवा भाभी ने लंबी सांस लेते हुए कहा- बहुत दिनों बाद किसी ने मेरी चूत को चूसा है।

अब उन्होंने मुझे धक्का दिया और मेरे ऊपर आकर मुझसे कहने लगीं- अब मेरी चूत की चुदाई की बारी हैमुझे लंड खड़ा करने दो।

भाभी ये कह कर मेरे लंड को फिर से अपने मुँह में लेकर चूसने लगीं।

आहक्या लंड चुसाई थी। दो मिनट में ही मेरा लंड पूरी तरह से एक कड़क हो गया।

रीवा भाभी ने कहा- किशन साहू  मेरी चूत में जल्दी से अपने इस मूसल लंड को उतार दोमैं चाहती हूं कि तुम्हारा लंड मेरी चूत की गहराई को नापे।
मैंने भी भाभी के दूध दबाते हुए कहा- क्यों नहीं रीवा भाभीअभी लो।

मैं रीवा भाभी के ऊपर चढ़ कर अपने लंड को उनकी चूत के ऊपर रख कर उनकी चूत में डालने लगा। बहुत दिन से चुदाई होने के कारण रीवा भाभी की चूत का छेद सिकुड़ गया था। इसलिए मेरे लंड को उनकी चूत में जाने में दिक्कत हो रही थी। लेकिन मैं भी कहां मानने वाला था। मैंने भी लंड को रीवा भाभी की चूत में उतार ही दिया।

भाभी की चीख निकली- उम्म्हअहहहयओह
दर्द मुझे भी हुआ क्योंकि मैंने भी पहली ही किसी की चूत में अपने लंड डाला था। हम दोनों ही दर्द से कराह उठे लेकिन जब मेरा लंड रीवा भाभी की चूत की गहराई में पहुंचा तो मुझे और रीवा भाभी को आनन्द आने लगा। हम दोनों ने पहले धीरे धीरे शुरूआत की।

थोड़ी देर बाद रीवा भाभी मुझे उकसाने लगीं। भाभी कहने लगीं- किशन साहू  और जोर जोर से चोदो जाने कितने दिनों बाद मुझे ऐसा सुख मिल रहा है।
मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी और रीवा भाभी जोर जोर से चीखने लगीं- आह आह आह और जोर से और जोर से चोदो किशन साहू  अपनी भाभी को आज मस्त कर दो।

मैंने और स्पीड बढ़ा दी। थोड़ी देर में ही रीवा भाभी चीखते हुए ढीली पड़ गईं। उनकी चूत रस छोड़ चुकी थीमगर मेरा लंड अभी भी खड़ा हुआ था। मैंने भी अपनी स्पीड और तेज़ करते हुए अपने लंड का रस रीवा भाभी की चूत में ही छोड़ दिया।

जैसे ही मेरे लंड का रस निकला, रीवा भाभी भी शांत हो गईं।

झड़ने के बाद उनके मुँह पर हल्की सी मुस्कान थी, जैसे वो बोल रही हों कि बहुत दिन बाद चुदाई करके उनको संतुष्टि मिल गयी हो। मगर मेरा मन एक बार की चुदाई से कहां मानने वाला था। मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।

मैंने रीवा भाभी को कहा- एक बार और आप की चुदाई करनी है।

ये बोल कर मैं भाभी के ऊपर चढ़ गया और फिर से भाभी की चुदाई करने लगा। कोई 25 मिनट रीवा भाभी की खूब चुदाई करने के बाद रीवा भाभी की चूत ने दो बार रस छोड़ा, मैंने भी अपने लंड का रस रीवा भाभी की चूत में ही छोड़ दिया।

हम दोनों नंगे एक दूसरे से चिपक कर लेटे रहे और बातें करते रहे।
फिर कुछ देर बाद रीवा भाभी ने मेरे लंड को खूब चूसना शुरू किया और करीब 20 मिनट लंड चूसने के बाद मेरे लंड का रस एक बार फिर निकल गया। इस बार रीवा भाभी ने अपने मुँह में ही मेरे लंड का रस निकाल लिया। वो सारा का सारा रस पी गईं।

लंड रस पीने के बाद रीवा भाभी और भी नशीली लगने लगी थीं।

मैंने भाभी से कहा- अब तो मुझे रोज ही आपकी जरूरत लगेगी।
रीवा भाभी ने कहा- हां किशन साहू , मुझे भी तुम्हारी जरूरत रहेगी।
मैंने कहा- भाभी, मैं तो आपके लिए हमेशा तैयार हूं।

उसके बाद मैंने हर रोज रीवा भाभी को 6 महीनों तक खूब चोदा और उनकी जवानी में फिर से बहार ले आया। अब भाभी और भी ज्यादा हॉट और सेक्सी हो गयी थी। मेरे मुहल्ले के बहुत से लड़के रीवा भाभी के नाम की मुठ भी मारने लगे थे।

सभी यही बोलते थे कि रीवा भाभी को जवानी अब चढ़ रही है।

इसके बाद क्या हुआ ये मैं आपको अगली हिंदी सेक्स स्टोरी में बताऊंगा। कैसे मैंने अपने दोस्त के साथ मिल कर रीवा भाभी के मजे लिए।




 
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