मंगलवार, 26 दिसंबर 2023

बड़ी बहन स्वेता ने दिया सेक्स एजूकेशन

 स्वेता के दिया सेक्स एजूकेशन 

ये कहानी मेरी और कल्याणी की है। हम दोनो के नाम इसमें बदले हुए हैं। दरसल, कल्याणी मेरी बुआकी लड़की है।
मेरी बुआकी लड़की यानी मेरी मम्मी की बुआकी लड़की की लड़की। कल्याणी मुझसे दो साल बड़ी है। कल्याणी के परिवार से हमारे बहुत अच्‍छे रिश्तें है।
कल्याणी को मैं बहन ही मानता था। परन्तु, मुझे कल्याणी की बड़ी बहन स्वेता और उसके बड़े भाई ने ही बिगाड़ा था।



कल्याणी की नानी मेरी नानी के घर के पास ही रहती थी क्योंकि वो बहुत छोटी उम्र में ही विधवा हो गई थी और उनके केवल दो लड़की ही थी। इसीलिए मेरे नाना उनको अपने पास ही लियाऐं थे। और उनको अपना एक घर भी दे दिया था।
कल्याणी की नानी अकेली रहती थी इसीलिए कल्याणी की मम्मी ने गाँव में नानी के पास अपनी बड़ी लड़की स्वेता को छोड़ दिया था।

हुआ यूँ कि एक बार मैं अपनी मम्मी के साथ नानी के घर गया। शाम को मैं नानी के घर से कल्याणी की नानी के घर चला गया। वहाँ पर मुझे कल्याणी की बड़ी बहन स्वेता मिली।

स्वेता ने दरवाज़ा खोला और मुझको अंदर बुला लिया। मैं अंदर पहुँचा और एक खाट पर बैठ गया। वहीँ पर स्वेता भी मेरे पास बैठ गई। कुछ देर तो उसने मुझसे बात की। फिर थोड़ी देर बाद वो लेट गई और अपनी सलवार में हाथ डालकर हिलाने लगी।

कुछ देर तो मैं भी यूँ ही देखता रहा और फिर मैंने पूछा के ये क्या कर रही हो। उसने कहा के मेरी चूत में खुजली हो रही है। मैं इसको खुज़ा रही हूँ।

मैंने कहा- ये चूत क्या होती है तो वो बोली अभी तू बच्‍चा है बड़ा हो कर जब चूत मारेगा तो सब समझ जाएगा।

मैंने कहा- मारेगा?
तो वो बोली- हाँ तभी तो बच्‍चे पैदा होते हैं।
मैंने कहा- इसे कैसे मारते हैं?
वो बोली- किसी से तू कुछ कहेगा तो नहीं?
मैंने कहा- नहीं।
तो बोली- वादा कर !
मैंने कहा- वादा रहा।

फिर उसने झट से अपनी सलवार उतार दी और मुझसे बिल्कुल चिपक गयी। मुझे कुछ पता ही नही था मेरी समझ में नही रहा था कि हो क्या रहा है। फिर मैं बोला- ये क्या कर रही हो?

वो बोली- चूत मारना सीखना है या नहीं?

मैं चुप रहा।

फिर वो बोली- तू मुझको आज खुश कर दे फिर तुझको मैं कल्याणी की चूत भी दिलवा दूँगी.
मैंने कहा- कल्याणी की?

वो बोली- हाँ। कल्याणी को कुछ दिन बाद एक लंड की जररूत होगी और तुझको एक चूत की। इसीलिए, तुम दोनो आपस में कर लेना।
मैंने कहा- अभी क्यों नही तो बोली अभी कल्याणी छोटी है।

मैंने कहा- कितने दिन और लगेंगे उसको वो बोली जब वो बडी होगी जब मैं तेरे से ही उसकी सील तुडवाऊंगी। अब तू चुप हो जा मुझको मज़ा आने लगा है।

फिर मैं चुप हो गया और उसे बस करते हुए देखता रहा उसने धीरे से मेरी पैंट की ज़िप खोली और मेरे लंड को निकालकर अपनी चूत पर ज़ोर ज़ोर से रगड़ने लगी और बीच-बीच में बोल रही थी कि खड़ा कर मुझे पता नही था कि खड़ा कैसे होता है।
फिर उसने मेरे छोटे से लंड को अपनी चूत पर रखकर ज़ोर से झटका मारा पर मेरा लंड हल्का सा ही अंदर गया था वो बोली इसे अंदर डाल ना मैं भी कोशिश करने लगा तो मेरा लंड उसने हाथ से पकड़कर अंदर कर दिया और धीरे धीरे हिलने लगी अब उसका पानी निकलने लगा था।

वो बोली मुझको मज़ा रहा है थोड़ी देर और अंदर की तरफ ज़ोर लगा और ऊपर-नीचे हो।

मैंने ऐसे ही किया थोड़ी देर बाद फिर वो बोली अब हट जा मुझको तूने मज़ा दे दिया। और उसने मुझे अपने ऊपर से हटा दिया। फिर वो मेरे लंड को पकड़ कर बोली ये अभी छोटा है इसे बड़ा करना पड़ेगा। क्योंकि लंड जितना बडा और मोटा होता है उतना ही लडकी और औरत को मज़ा आता है औरत और लडकी को बार-बार चुदने केलिए कहीं ओर नही जाना पडता और तुझको भी तो बहुत मज़ा आएगा। क्योंकि तेरा लंड भी तो टाईट और सही जायेंगा। जब लंड, चूत और गाँड में टाईट और सही जाता है तो फिर दोनो को खुब मज़ा आता है।

फिर उसने मेरे गीले लंड को अपने मुंह में ङाल लिया और उसे चाटने लगी और उसे आइस्क्रीम की तरह चूस भी रही थी।
फिर दरवाज़े पर कोई गया। उसने मेरे लंड को मुंह से निकाला और पैंट के अंदर कर दिया और मुझ से बोली अपनी पैंट बंद कर ले।

फिर वो उठी और सलवार का नाडा बाँधते हुए दरवाज़ा खोलने चली गयी। वहाँ पर एक पड़ोस का आदमी था। उन दोनो में कुछ बात हुई और वो चला गया फिर स्वेता अंदर आई।

मैं बोला- अब कल्याणी की सील कब तुड़वाओंगी फिर वो बोली अभी तेरा बहुत छोटा है इसे बड़ा कर।
मैंने पूछा- ये बड़ा कैसे होगा।
वो बोली- इसे चुसवाना !
मैंने कहा- तो तुम्ही बड़ा कर दो !

वो बोली- ठीक है। लेकिन जब तू मुझे मिलेगा तो मैं तेरा ये बड़ा करूंगी और तू मुझे खुश कर देना।
मैंने कहा- ठीक है।

फिर मैं अपनी नानी के घर आया और रात को खाना खाकर सो गया। सुबह हम जल्दी उठे और अपने घर पर गये।

अब मेरा स्वेता से कोई कॉन्टेक्ट नही था। दो साल बाद मैं एक दिन कल्याणी के घर गया वहाँ पर मुझे कल्याणी का बड़ा भाई मिला। वो दिन राखी का दिन था।

कल्याणी की गली की एक लड़की आ‍ई हुयी थी जो कल्याणी की सहेली थी। उसका नाम निकिता था। निकिता का रंग एक दम गोरा बिलोरी आँखें चूची छोटी छोटी बाल लंबे उसने एक महरुन फ्राँक पहन रखा था। फिर कुछ देर बाद कल्याणी के घर पर हम छुपा छुपी का गेम खेलने लगे।

कल्याणी, मैं, कल्याणी का बड़ा भाई, निकिता और गली के कुछ बच्चे। मैं, निकिता और कल्याणी बड़ा भाई एक स्टोर रूम में छुप गये।

वहाँ पर मैंने देखा के कल्याणी का बड़ा भाई अपना लंड निकल कर खड़ा था। उसका लंड बहुत बड़ा था। और वो निकिता को अपनी तरफ खींच रहा था। निकिता मना कर रही थी। और कह रही थी की गॅप सब को बता देगा। फिर कल्याणी के बड़े भाई ने मुझसे पूछा के तू बताऐंगा तो नही।

मैंने कहा- एक शर्त पर, अगर मुझे भी सिख़ाओगे तो !
वो बोला ठीक है। रात को सब कुछ बता दुंगा।

फिर उसने निकिता की फ्राक ऊपर की और उसकी कच्‍छी उतार दी। वो संदूक पर बैठा और निकिता को अपने ऊपर बैठा लिया और निकिता को ऊपर-नीचे करने लगा। कुछ देर बाद मुझे स्वेता की लंड बड़ा करने की बात याद गई।

मैं भी निकिता के मुहूँ में लंड देना चाहता था पर दरवाज़े पर खट खट की आवाज़ हुई निकिता एक दम खड़ी हो गई और अपनी कच्‍छी ऊपर की और हम सब बाहर गये।

अब कल्याणी के बड़े भाई की ढूंढने की बारी थी। अब की बार मैं और निकिता उस ही स्टोर में छुप गये। मैंने धीरे से निकिता का हाथ पकड़ लिया।

वो अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश करने लगी। मैंने उससे पूछा की तुम क्या कर रहे थे। वो बोली तेरा भाई मेरी चूत मार रहा था।

मैंने कहा अच्‍छा तो ये बात है। फिर वो बोली तू भी मेरी चूत मारेगा क्या। मैंने कहा नही मुझे तो अपने लंड को बड़ा कराना है।

वो बोली- अच्‍छा तो लंड चूसवाना चाहता है। चल ठीक है, वो बोली निकाल अपना लंड देखो कितना बड़ा है।
मैं बोला- खुद ही निकाल ले।

उसने मेरी पैंट की ज़िप खोली और मेरा लंड निकाल लिया।

जैसे ही उसने मेरे लंड को छुआ तो मेरा लंड बड़ा हो गया और एक रोड के समान सखत हो गया।

फिर मुझे अच्छा भी लगने लगा तो बोली तेरा लंड तो बड़ा हो गया मैंने कहा इसे और बड़ा कर। तो वो बोली, किसी को मारेगा क्या फिर वो मेरे लंड को चूसने लगी। करीब पाँच मिनट बाद वो बोली क्या पहली बार कर रहा है। तो मैंने उससे स्वेता के बारे में बता दिया।

तो वो बोली- स्वेता ने अपने भाई के साथ ही कर लिया।

तो मैंने कहा- तू भी तो भाई को राखी बाँधती है। वो बोली हम सगे तो नही है। मैंने कहा हम भी सगे नही है। फिर वो बोली चल बाहर चल वरना सब को शक हो जाऐगा।

फिर हम बाहर गयें और निकिता अपने घर जाने लगी।
निकिता बोली- गॅप घर जाना !
मैंने कहा- ठीक है।

रात को मैं और कल्याणी का बड़ा भाई निकिता के घर चले गये। निकिता के घर पर केवल वो और उसकी छोटी बहन ही थी। फिर मैंने भाई से कहा मुझे भी सीखना है।

वो बोला अभी रूक जा उसकी छोटी बहन को सो जाने दे। रात को करीब एक बजे निकिता हुमारे पास गई।

अब भाई मुझसे बोला तूने कभी चूत देखी मैंने कहा नही तो निकिता हँस पड़ी। मैं उसकी हँसी का मतलब समझ गया था। क्योंकि मैंने शाम को उसे स्वेता के बारे में बताया था। फिर भाई ने उसकी फ्राक ऊपर की और मैंने देखा कि निकिता ने फ्राक के नीचे कुछ भी नही पहन रखा था। फिर भाई ने उसे लिटाया और उसकी टांग ऊपर कर के चौडा दी। फिर वो बोला देख ये होती है चूत।

मैने देखा कि निकिता की चूत एक दम गुलाबी थी और उस पर घूघंराले बाल थे। फिर भाई बोला बहन की लोड़ी ! मैंने तुझसे कहा थे के बाल साफ कर लेना।

वो बोली- बहन के लंड ! तूने मुझको टाइम ही कहाँ दिया।
फिर भाई बोला- बहनचोद आज तेरी चूत ना फाडी तो मैं भी मर्द नही।

इतने में निकिता ने मुझे अपनी तरफ खींचा और बोली तेरा लंड बड़ा करूं और उसने मेरी पैंट उतार दी। और अंडर‍वियर के बीच में हाथ डालकर लंड निकाल लिया।

फिर भाई से बोली ओऐं बहन के लौड़े ! जल्दी से चोद। मुझे वापिस अपनी बहन के पास जाना है।
वो बोला- ठीक है।

भाई ने मुझे अपने पास बुलाया और मुझे चूत मारने का तरीका बताने लगा। भाई ने निकिता की चूत की दोनो तरफ की खाल अलग कर दी।

अब उसकी चूत साफ दिख रही थी। भाई ने अपना लंड उसकी गुलाबी चूत के लाल दाने पर रखा और एक ज़ोर से झटका दिया। निकिता को बहुत दर्द हुआ।

उसने मुझे कसकर पकड़ लिया और अपना सर इधर उधर हिलाने लगी। और उसकी चूत से खून भी निकल रहा था। फिर भा‍ई थोड़ी देर रुका। निकिता भी मुझे देख रही थी और मुझे भी मज़ा देना चाहती थी पर दर्द के कारण कुछ कर नही पा रही थी।

फिर कुछ देर बाद उसका दर्द बंद हुआ। फिर वो बोली कर ना ! जल्दी मुझे जाना है। और वो मेरा लंड पीने लगी अब मुझे और भी अच्छा लग रहा था। फिर भाई उसे चोदने लगा।

कुछ देर बाद निकिता के मुँह से निकाला के ज़ोर से चोद मेरी चूत फाड़ और वो मेरे लंड को जोर से और पागल की तरह चूस रही थी। फिर वो भाई से बोली लंड निकाल मैं झडने वाली हूँ। भाई ने अपना लंड निकाला तो भाई के लंड से सफेद पानी निकला।

मैं बोला- ये क्या है?
तो भाई बोला- इसी से बच्‍चे बनते हैं। इसी तरह का पानी इसकी चूत छोड़ रही है।
फिर मैंने कहा- मुझे देखना है !

तो भाई ने निकिता की टांग ऊपर की और उसकी चूत फाड़कर दिखाने लगा। तो निकिता की चूत से खून और सफेद पानी निकल रहा था। वो बोला आज इसकी सील टूटी है। इसी लिए इसकी चूत से खून निकल रहा है।

फिर मैं निकिता के पास गया और निकिता अपने आप ही मेरे लंड पकड़ कर चूसने लगी कुछ देर बाद मुझे अंदर कुछ अच्छा महसूस हुआ और मेरा सारा पानी निकिता के मुँह में निकल गया।

वो बोली ये क्या किया गंदा ना हो तो। मैंने कहा मुझे पता ही नही चला। फिर वो उठी और अपने आप को साफ करके और अपने कपडे सही करके चली गई।

अब मुझे कल्याणी के बारे में ख्याल आने लगा कि मैं भी उसकी सील तोड़ूंगा। क्योंकि मुझे कल्याणी की बड़ी बहन ने वादा किया था।

फिर उस रात मैंने भाई से सारा गुप्त ज्ञान ले लिया। और उसके बाद उसकी बहन कल्याणी को और स्वेता को, अपनी बुआ को, पडोस की तीनो बहुओं को, अपनी सग़ी चाची को, अपने मामा की लड़की को, अपनी दो मेडम को, निकिता को, अपने गुरु की तीसरे नंबर की लडकी को चोदा और इनके अलावा भी कईयों को चोदा है



 
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