बुधवार, 31 जनवरी 2024

चाची को संतान का सुख | chachi sex stories

 चाची को संतान का सुख

मेरा नाम पंकज है। मैं उदयपुरका रहने वाला हूँ। मैं आप को अपनी कहानी बताने जा रहा हूँ।

हमारे घर मैं, मम्मी पापा और चाचा,चाची चार लोग ही थे। चाचा का नाम श्यामहै, चाचा बहुत ही गुस्से वाले हैं।

वो बात बात पर गुस्सा करते थे इसलिये मैं उनसे बहुत डरता था।  मम्मी मुझे बहुत प्यार करती थी।

ये उस समय की बात है जब चाचा की शादी हो गयी थी। चाची का नाम मीना था और वो अभी उम्र में छोटी ही थी।

चाची मुझे बहुत प्यार करती थी और मेरी देखभाल भी करती थी। उनसे मुझे मम्मी और चाची दोनो का प्यार मिलता था।

चाची के जाने के कुछ दिन बाद मैंने देखा कि चाचा चाची से बहुत डरने लगे। वो उनकी हर बात, चाहे सही हो या गलत, तुरन्त ही मान लेते थे।

एक दिन चाची ने मम्मी से कहा- अब आप रहने दो, आज से मैं ही पंकज को तेल लगाऊँगी और नहलाऊँगी भी!

मम्मी ने कहा- मैं तो इसकी लंड पर भी तेल लगा कर खूब मालिश करती हूँ। तू कैसे करेगी।

चाची ने कहा- तो क्या हुआ, मैं पंकज की देखभाल ठीक वैसे ही करूंगी जैसे कि आप करती हैं।

चाची मेरी देखभाल मम्मी की तरह से करने लगी।

वो मेरे सारे कपड़े उतार देती और फिर मम्मी की तरह से मेरे सारे बदन पर तेल लगाती थी, उसके बाद मेरी लंड पर भी तेल लगा कर मालिश करती थी।
फिर वो मुझे अपने साथ बाथरूम ले जाती और अपने सारे कपड़े भी उतार कर एकदम नंगी हो जाती, उसके बाद वो मुझे अपने साथ ही नहलाती थी।

चाचा की शादी के 6 महीने के बाद ही मम्मी का स्वर्गवास हो गया तो मैं उदास रहने लगा।
मैं कई दिनों तक स्कूल नहीं गया।

चाची ने मुझे प्यार से समझाया- पंकज, तुम घबराओ मत, मैं तुम्हारी देखभाल ठीक उसी तरह से करूंगी जैसे तुम्हारी मम्मी किया करती थी।

मैं धीरे धीरे चाची से एकदम घुलमिल गया और मम्मी को भूल गया।
अब मुझे मम्मी कि याद नहीं सताती थी।

जब कभी मैं शरारत करता तो चाचा मुझ पर गुस्सा हो जाते थे।

जैसे ही चाचा मुझ पर गुस्सा होते तो चाची उन्हें घूर कर देखती और वो तुरन्त ही चुप हो जाते।

धीरे धीरे 3 साल गुजर गये।

मेरी लंड भी अब थोड़ी बड़ी हो चुकी थी। चाची जब तेल लगने के लिये मुझे एकदम नंगा कर देती तो मुझे शरम आती थी।

फिर जब वो मेरे सारे बदन पर तेल लगने के बाद मेरी लंड पर तेल लगा कर मालिश करती तो मेरा लण्ड खड़ा हो जाता था, तब मैं और ज्यादा शरमा जाता था।

वो कभी कभी मेरी लंड को चूम भी लेती थी।

चाची मुझसे अकसर मजाक में कहा करती थी- तेरी लंड तो जवान आदमियों की तरह हो गई है।
मुझे अब तेरी शादी करनी पड़ेगी। मुझे तेरी लंड बहुत अच्छी लगती है।

chachi sex stories

उनकी बात सुनकर मैं शरमा जाता था।

मैंने चाची से कहा- अब मैं बड़ा हो गया हूँ मैं खुद ही नहा लूंगा।
वो बोली- क्यों अब तुझे शरम आती है।

मैंने कहा- हाँ। वो बोली- बदमाश कही का, आज तक मैं तेरी लंड पर तेल लगा कर मालिश करती रही और तुझे अपने साथ नहलाती रही। मुझे आज तक शरम नहीं आयी और तू अब शरमा रहा है। मैं तेरी शादी होने तक खुद ही तेरी लंड कि तेल लगा कर मालिश करूंगी और नहलाऊँगी भी। अगर बदमाशी करेगा तो मैं तुझे मारूंगी भी और तेरे चाचा से कह दूंगी, फिर तुझे बहुत डांट पड़ेगी।

मैं चाचा से बहुत डरता था इस लिये मैं चुप हो जाता था। चाची अभी भी मेरे लण्ड को लंड ही कहती थी।

धीरे धीरे मेरी लंड पूरी तरह से लण्ड बन गयी।

चाची अभी भी मुझे चाचा का डर दिखा कर मेरी लंड पर तेल लगाती और मुझे नहलाती भी थी।

चाची के हाथ लगाने पर मेरा लण्ड बहुत सख्त हो जाता था। चाची को तेल लगाने पर और भी मस्ती आने लगी थी।

एक दिन मैंने चाची से कहा- अब तो मैं जवान हो गया हूँ। मेरी लंड भी अब लण्ड बन गयी है। जब तुम मेरे लण्ड पर तेल लगाती हो तो मुझे कुछ कुछ होने लगता है, सख्त भी हो जाता है। अब मैं खुद ही नहा लिया करुंगा।

वो मुसकुराते हुये बोली- ठीक है, अब मैं तुझे नहीं नहलाऊँगी और ना ही तेल लगाऊँगी। अब तो खुश है ना।

मैंने कहा- हाँ, अब मैं बहुत खुश हूँ।

उसके बाद मैं खुद ही अपने सारे बदन पर तेल लगने लगा और नहाने भी लगा।

धीरे धीरे 2 साल और गुजर गये। अब मेरा लण्ड पूरे शवाब पर चुका था और 8″ लम्बा और खूब मोटा हो गया था।

मैं अब भी एकदम नंगा ही नहाता था। मैं चाची से ज्यादा शरमाता भी नहीं था इस लिये मैं बाथरूम का दरवज़ा खुला छोड़ कर ही नहाता था।

चाची भी मुझसे जरा सा भी नहीं शरमाती थी। वो पहले कि तरह ही एकदम नंगी ही नहाती थी और नहाने के बाद बाथरूम से नंगी ही बाहर जाती थी।



एक दिन मैं नहा रहा था और चाची बाथरूम के पास से गुजर रही थी तो उनकी निगाह मेरे लण्ड पर पड़ी।
उन्होंने मेरे लण्ड की तरफ़ इशारा करते हुये मजाक किया और कहा- बाप रे, तेरी लंड तो अब एकदम खतरनाक हो गयी है। इतनी बड़ी लंड मैंने आज तक नहीं देखी है। तू जवान भी हो गया है। अब तो तेरी शादी करनी ही पड़ेगी।

मैं शरमा गया और मैं टावेल लपेटने लगा।

चाची बोली- पहले तो खूब मज़े से अपनी लंड पर तेल लगवाता था। अब शरम रही है।
मैंने शरमाते हुये कहा- चाची, जाओ ना।

वो बोली- अब बाथरूम का दरवाज़ा बन्द कर के नहाया कर, नहीं तो तेरी लंड को मेरी नज़र लग जायेगी।

मैंने मजाक किया और कहा- तुम हमेशा इसे लंड ही कहती रहोगी। ये तो अब लंड से इतना बड़ा और मोटा लण्ड बन गया है। अब इसे लण्ड ही कहा करो।

वो बोली- अच्छा बाबा, अब मैं इसे लण्ड ही कहूँगी। मैं जाती हूँ, तू नहा ले।

चाची चली गयी।
मैं नहाने लगा।

chachi sex stories in hindi

एक दिन चाची उदास बैठी थी, मैंने पूछा- क्या हुआ?
वो बोली- कुछ नहीं।
मैंने ज़िद करते हुये कहा- बताओ ना?

वो बोली- 6 साल गुजर गये और आज तक मैं माँ नहीं बन पाई। सारा दोष तेरे चाचा का ही है।
मैंने कहा- क्या किया चाचा ने?
वो बोली- वो मुझे मां बनाने के लायक ही नहीं हैं।
मैंने पूछा- क्यों?
वो बोली- मुझे शरम आती है।

मैंने कहा- आज तक तो मुझसे नहीं शरमाती थी, कब से शरम आने लगी?

वो बोली- बात ही कुछ ऐसी है।

मैंने कहा- बताओ ना?

वो कहने लगी- तेरा लण्ड देख कर मैं सोचती हूँ कि काश तेरे चाचा का भी ऐसा होता तो आज मेरी कोख सूनी ना रहती। मुझे उनसे मज़ा भी नहीं मिल पाता।

मैंने कहा- इसमें मैं क्या कर सकता हूँ।

वो बोली- अगर मैं तुझसे एक बात कहूँ तो तू बुरा तो नहीं मानेगा क्योंकि वो बात कुछ ठीक नहीं है और मुझे ऐसा करना भी नहीं चाहिये।

मैंने कहा- तुम मेरे लिये इतना सब कुछ करती हो, क्या मैं तुम्हारे कुछ भी नहीं कर सकता। तुम बताओ तो सही?

वो बोली- इतने साल मैंने केवल तुझे पल-पोस कर कर बड़ा करने में गुजार दिये और कभी मां बनने के बारे में सोचा ही नहीं।

मैंने कहा- तुम बताओ तो सही कि मुझे क्या करना है?
चाची बोली- मुझे शरम आती है।

मैंने कहा- जब मैं शरमाता था तब तो तुम मुझ पर गुस्सा होती थी। अब तुम शरमा रही हो तो मुझे क्या करना चाहिये, बताओ।

मेरी बात सुनकर वो हंस पड़ी और बोली- मैं मां बनना चाहती हूँ और साथ ही साथ मैं ठुकाई का मज़ा भी लेना चाहती हूँ। अगर तेरा कोई दोस्त हो और उसका लण्ड तेरे जैसा हो तो
इतना कह कर वो चुप हो गई।

मैंने कहा- मैं समझ गया चाची, लेकिन अगर चाचा को पता चल गया तो?

वो बोली- वो क्या कर लेंगे। तू तो जानता ही है कि मैं जब उन्हें घूर कर देखती हूँ तो वो चुप हो जाते हैं। वो मेरी हर सही या गलत बात को मान भी लेते हैं। वो ऐसा क्यों करते हैं मैं आज तुझे बताती हूँ। तेरे चाचा का लण्ड बहुत छोटा है। उनका लण्ड ठीक उतना ही बड़ा है जितना 13 साल के उमर में तेरा था। उनका ठुकाई का काम भी बड़ी मुश्किल से 2 मिनट में ही खत्म हो जाता है। इसीलिये वो मुझसे डरते हैं।

मैंने कहा- अब मैं समझा कि वो तुमसे इतना डरते क्यों हैं।
चाची ने कहा- मुझे तेरे चाचा से कोई डर नहीं है।
मैंने कहा- आस पास के लोग क्या कहेंगे।

वो बोली- मैं यहाँ थोड़े ही चुदवाऊँगी। तेरे दोस्त के पास ही चलूंगी और तू मेरे साथ चलेगा।
मैंने कहा- मेरा एक दोस्त है, शंकर वो अकेले ही रहता है। मैं उससे बात कर लूँ, फिर तुम्हें उसके पास ले चलूँगा।
चाची ने कहा- मुझे तेरे जैसा लण्ड भी चाहिये।

अब मैं चाची से ज्यादा शरमाता भी नहीं था। मैंने तुरन्त ही अपनी लुंगी उतार दी और कहा- फिर मेरे लण्ड से ही काम चला लो। इधर उधर जाने कि क्या जरूरत है।

चाची ने मेरे लण्ड पर अपने हाथ से हल्की सी चपत लगाते हुये कहा- तू इसे अपने पास ही रख। यह मेरे लिये पुराना हो चुका है। मुझे नया लण्ड चाहिये।

मैंने कहा- मैंने एक बार शंकर का लण्ड देखा था। उसका मुझसे ज्यादा लम्बा और मोटा है।

वो बोली- फिर ठीक है। तू उस से बात कर ले लेकिन वो