रविवार, 7 जनवरी 2024

छोटी बहन करीना की सील तोड़ा पार्ट 2 |छोटी बहन करीना की चुदाई

 छोटी बहन करीना की सील तोड़ा पार्ट 2

मैंने एक जीन्स का पैंट और टी-शर्ट खरीदा और करीना ने एक गुलाबी रंग की पंजाबी ड्रेस, एक गर्मी के लिए स्कर्ट और टॉप और 2-3 टी-शर्ट खरीदीं।

हम लोग मार्केट में और थोड़ी देर तक घूमते रहे। अब क़रीब 7:30 बज गए थे। करीना ने मुझे सारे शॉपिंग बैग थमा दिए और बोलीं- आगे जा कर मेरा इंतज़ार करो, मैं अभी आती हूँ।

वो एक दुकान में जा कर खड़ी हो गईं। मैंने दुकान को देखा, वो महिलाओं के अंडरगार्मेन्ट की दुकान थी। मैं मुस्कुरा कर आगे बढ़ गया। मैं देखा कि करीना का चेहरा शर्म के मारे लाल हो चुका है, और वो मेरी तरफ़ मुस्कुरा कर देखते हुए दुकानदार से बातें करने लगीं।

कुछ देर के बाद करीना दुकान पर से चल कर मेरे पास आईं। करीना के हाथ में एक बैग था।
मैं करीना को देख कर मुस्कुरा दिया और कुछ बोलने ही वाला था कि करीना बोलीं- अभी कुछ मत बोल और चुपचाप चल!

हम लोग चुपचाप चल रहे थे। मैं अभी घर नहीं जाना चाहता था और आज मैं करीना के साथ अकेला था और मैं करीना के साथ और कुछ समय बिताने के लिए बेचैन था।

मैंने करीना से बोला- चलो कुछ देर हम लोग समुंदर के किनारे पर बैठते हैं और भेलपुड़ी खाते हैं।
नहीं, देर हो जाएगी!’ करीना मुझसे बोलीं। लेकिन मैंने फिर करीना से कहा- चलो भी करीना।

अभी सिर्फ़ 7:30 बजे हैं और हम लोग थोड़ी देर बैठ कर घर चल देंगे और माँ जानती हैं कि हम दोनों साथ-साथ हैं, इसलिए वो चिंता भी नहीं करेंगी।

करीना थोड़ी सोच कर बोलीं- चल समुंदर के किनारे चलते हैं।

करीना के राज़ी होने से मैं बहुत खुश हुआ और हम दोनों समुंदर के किनारे, जो कि मार्केट से सिर्फ़ 10 मिनट का पैदल रास्ता था, चल दिए।

हमने पहले एक भेलपुड़ी वाले से भेलपुड़ी ली और एक मिनरल वाटर की बोतल ली और जाकर समुंदर के किनारे बैठ गए।

हम लोग समुंदर के किनारे पास-पास पैर फैला कर बैठ गए। अभी समुंदर का पानी पीछे था और हमारे चारों तरफ़ बड़े-बड़े पत्थर पड़े हुए थे।

वहाँ खूब ज़ोरों की हवा चल रहीं थी और समुंदर की लहरें भी तेज़ थी। इस समय बहुत सुहाना मौसम था। हम लोग भेलपुड़ी खा रहे थे और बातें कर रहे थें।

करीना मुझ से सट कर बैठी थीं और मैं कभी-कभी करीना के चेहरे को देख रहा था। करीना आज काले रंग की एक स्कर्ट और ग्रे रंग का ढीला सा टॉप पहनी हुई थीं।

एक बार ऐसा मौका आया जब करीना भेलपुड़ी खा रहीं थी, तो एक हवा का झोंका आया और करीना की स्कर्ट उनकी जाँघ के ऊपर तक उठ गईं और करीना की जांघें नंगी हो गईं।

करीना ने अपने जाँघों को ढकने की कोई जल्दी नहीं की। उन्होंने पहले भेलपुड़ी खाईं और आराम से रूमाल से हाथ पोंछ कर फिर अपनी स्कर्ट को जाँघों के नीचे किया और स्कर्ट को पैरों से दबा लिया।
वैसे तो हम लोग जहाँ बैठे थे वहाँ अंधेरा था, फिर भी चाँदनी की रोशनी में मुझे करीना की गोरी-गोरी जाँघों का पूरा नज़ारा मिला। करीना की जाँघों को देख कर मैं कुछ गर्म हो गया।

जब करीना ने अपनी भेलपुड़ी खा चुकी तो मैं करीना से पूछा- करीना, क्या हम उन बड़े-बड़े पत्थरों के पीछे चलें?
करीना ने फ़ौरन मुझसे पूछा- क्यों?
मैंने करीना से कहा- वहाँ हम लोग और आराम से बैठ सकते हैं।
करीना ने मुझसे मुस्कुराते हुए पूछा- यहाँ क्या हम लोग आराम से नहीं बैठे हैं?
लेकिन वहाँ हमें कोई नहीं देखेगा!’ मैंने करीना की आँखों में झाँकते हुए धीरे से बोला।

तब करीना शरारत भरी मुस्कान के साथ बोलीं- तुझे लोगों के नज़रों से दूर क्यों बैठना है?
मैंने करीना को आँख मारते हुए बोला- तुम्हें मालूम है कि मुझे क्यों लोगों से दूर बैठना है।

करीना मुस्कुरा कर बोलीं- हाँ मालूम तो है, लेकिन सिर्फ़ थोड़ी देर के लिए बैठेंगे। हम लोग को वैसे ही काफ़ी देर हो चुकी है। और करीना उठ कर पत्थरों के पीछे चल पड़ी।

मैं भी झट से उठ कर पहले अपना बैग संभाला और करीना के पीछे-पीछे चल पड़ा। वहाँ पर दो बड़े-बड़े पत्थरों के बीच एक अच्छी सी जगह थी। मुझे लगा वहाँ से हमें कोई देख नहीं पाएगा।

मैंने जा कर वहीं पहले अपने बैग को रखा और फिर बैठ गया। करीना भी आकर मेरे पास बैठ गईं। करीना मुझसे क़रीब एक फ़ुट की दूरी पर बैठी थीं।
मैंने करीना से और पास कर बैठने के लिए कहा। करीना थोड़ा सा सरक कर मेरे पास गईं और अब करीना के कंधे मेरे कंधों से छू रहे थे।

मैंने करीना के गले में बाहें डाल कर उनको और पास खींच लिया। मैं थोड़ी देर चुपचाप बैठा रहा और फ़िर करीना के कान के पास अपना मुँह ले जाकर धीरे से कहा- आप बहुत सुंदर हो।

अमर’, क्या तुम सही बोल रहे हो?’ करीना ने मेरी आँखों में आँखें डाल कर मुझे चिढ़ाते हुए बोलीं।
मैंने करीना के कानों पर अपना होंठ रगड़ते हुए बोला- मैं मजाक नहीं कर रहा हूँ। मैं तुम्हारे लिए पागल हूँ।

करीना धीरे से बोलीं- मेरे लिए?
मैंने फिर करीना से धीरे से पूछा- मैं तुम्हें क़िस कर सकता हूँ?

करीना कुछ नहीं बोलीं और अपनी सर मेरे कंधों पर टिका कर आँखें बंद कर लीं। मैंने करीना की ठुड्डी पकड़ कर उनका चेहरा अपनी तरफ़ घुमाया। तो करीना ने एकाएक मेरी आँखों में झाँका और फिर से अपनी आँखें बंद कर लीं।

मैं अब तक करीना को पकड़े-पकड़े गर्म हो चुका था और मैंने अपने होंठ करीना के होंठों पर रख दिए। ओह! भगवान करीना के होंठ बहुत ही रसीले और गर्म थे।

जैसे ही मैंने अपने होंठ करीना के होंठ पर रखे। करीना की गले से एक घुटी-सी आवाज़ निकल गईं। मैं करीना को कुछ देर तक चूमता रहा। चूमने से मैं तो गर्म हो ही गया और मुझे लगा कि करीना भी गर्मा गईं हैं।

करीना मेरे दाहिने तरफ़ बैठी थीं। अब मैं अपने हाथ से करीना की एक चूची पकड़ कर दबाने लगा। मैं इत्मीनान से करीना की चूची से खेल रहा था क्योंकि यहाँ माँ के आने का डर नहीं था।

मैं थोड़ी देर तक करीना की एक चूची कपड़ों के ऊपर से दबाने के बाद मैंने अपना दूसरा हाथ करीना की टॉप के अंदर घुसा दिया और उनकी ब्रा के ऊपर से उनकी चूची मींज़ने लगा।

मुझे हाथ घुसा कर करीना की चूची दबाने में थोड़ा अटपटा सा लग रहा था और इसलिए मैंने अपने हाथों को करीना की टॉप में से निकाल कर अपने दोनों हाथों को उनकी कमर के पास रखा और धीरे-धीरे करीना की टॉप को उठाने लगा और फिर अपने दोनों हाथों से करीना की दोनों चूचियों को पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगा।

करीना मुझे रोक नहीं रही थीं और मुझे कुछ भी करने का अच्छा मौक़ा था। मैं अपने दोनों हाथों से करीना की दोनों चूचियों को पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से मसल रहा था।

करीना बस अपने गले से घुटी- घुटी मस्त सिसकारियाँ निकाल रही थीं।

मैं अपने दोनों हाथों को करीना के पीछे ले गया और उनकी ब्रा के हुक खोलने लगा। जैसे ही मैंने करीना की ब्रा का हुक खोला तो ब्रा गिर कर उनके मम्मों पर लटक गईं। करीना कुछ नहीं बोलीं।

मैं फिर से अपने हाथों को सामने लाया और करीना की चूचियों पर से ब्रा हटा कर उनकी चूचियों को नंगा कर दिया। मैंने पहली बार करीना की नंगी चूची पर अपना हाथ रखा। जैसे ही मैं करीना की नंगी चूचियों को अपने हाथों से पकड़ा।

करीना कुछ कांप सी गईं और मेरे दोनों हाथों को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया। मैं अब तक बहुत गर्मा गया था और मेरा लौड़ा खड़ा हो चुका था। मुझे बहुत ही उत्तेजना चढ़ गई थी।

मैं सोच रहा था झट से अपने पैंट में से अपना लौड़ा निकालूँ और करीना के सामने ही मुट्ठ मार लूँ। लेकिन मैं अभी मुट्ठ नहीं मार सकता था। मैं अब ज़ोर-ज़ोर से करीना की नंगी चूचियों को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर मसल रहा था।

मैं करीना की चूची को दबा रहा था, रगड़-रगड़ कर मसल रहा था और कभी-कभी उनके निप्पलों को अपने उँगलियों में पकड़ कर मसल रहा था।

करीना के निप्पल इस वक़्त अकड़ कर कड़े हो गए थे। जब-जब मैं निप्पलों को अपने उँगलियों में पकड़ कर उमेठता था, तो करीना छटपटा उठती।

मैंने बहुत देर तक चूचियों को पकड़ कर मसलने के बाद, अपना मुँह नीचे करके करीना के एक निप्पल को अपने मुँह में ले लिया। करीना ने अभी भी अपनी आँखें बंद कर रखी थीं।

जब करीना की चूची पर मेरा मुँह लगा तो करीना ने अपनी आँखें खोल दीं और देखा कि मैं उनके एक निप्पल को अपने मुँह में भर कर चूस रहा हूँ, वो भी गर्मा गईं।

करीना की साँसे ज़ोर-ज़ोर से चलने लगीं और उनका बदन उत्तेजना से काँपने लगा। करीना ने मेरे हाथों को कस कर पकड़ लिया।

इस वक़्त मैं उनकी दोनों दूधों को बारी-बारी से चूस रहा था। अब करीना के गले से अजीब-अजीब सी आवाजें निकलने लगीं। उन्होंने मुझे कस कर अपनी छाती से लिपटा लिया और थोड़ी देर के बाद शांत हो गईं।

मेरा चेहरा नीचे की तरफ़ था और करीना की चूचियों को ज़ोर-ज़ोर से चूस रहा था। मुझे पर करीना के पानी की खुशबू आई। ओह माय गॉड! मैंने अपनी करीना की पुद्दी की पानी सिर्फ़ उनकी चूची चूस-चूस कर निकाल दिया था?

मैं अपना हाथ करीना की चूची पर